नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने शुक्रवार को कहा कि 1975-77 में जबरन नसबंदी अभियान उत्तर भारत के राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा संजय गांधी में एक ‘उभरती ताकत’ देखने का परिणाम था, जिन्होंने बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान चलाया था।
कर्ण सिंह 1973 से 1977 तक केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार नियोजन मंत्री थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने नसबंदी के लिए ‘उचित लक्ष्य’ निर्धारित किए थे, लेकिन संजय गांधी ने उन्हें बढ़ा दिया।
वह हरबंस सिंह द्वारा लिखित उनकी अधिकृत जीवनी ‘ए स्टेट्समैन एंड ए सीकर’ के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। उनके साथ कांग्रेस सांसद शशि थरूर और इतिहासकार मालविका सिंह भी थे।
उन्होंने कहा, ‘उन दिनों नसबंदी के कुछ लक्ष्य थे जो राजकुमारी अमृत कौर के समय से शुरू हुए थे, और फिर मैंने मंत्री का पद संभाला। मैंने इन सभी विषयों में उचित लक्ष्य तय किए थे। ऐसे लक्ष्य जिसे हासिल किया जा सके।’’
सिंह ने कहा, ‘दुर्भाग्य से, संजय गांधी ने लक्ष्य बढ़ाना शुरू कर दिया और उत्तर भारत के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने यह सोचकर कि संजय एक उभरती ताकत हैं, हदें पार कर दीं…।’’
उन्होंने कहा कि जबरन नसबंदी की रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इसके खिलाफ चेतावनी दी थी।
कर्ण सिंह ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कभी भी संजय गांधी के साथ मंच साझा नहीं किया।
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तान्या अविनाश
अविनाश
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