नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने जेएनयू प्रशासन द्वारा छात्र संघ के चार निर्वाचित पदाधिकारियों और अन्य छात्र नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की शुक्रवार को कड़ी आलोचना करते हुए दावा किया कि यह कदम पूरे छात्र समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करता है।
यहां जारी एक बयान में एसकेएम ने निष्कासन आदेशों और जुर्माने को तत्काल वापस लेने की मांग की और विश्वविद्यालय की विजिटर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से ‘अन्यायपूर्ण निष्कासन’ को रद्द करने की अपील भी की।
किसान संगठनों के निकाय एसकेएम ने एक बयान में कहा, ‘एसकेएम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन के उस फैसले की कड़ी आलोचना करता है जिसमें जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के सभी चार निर्वाचित पदाधिकारियों और उसके पूर्व अध्यक्ष को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया गया है, उनके लिए परिसर को ‘प्रतिबंधित’ घोषित कर दिया गया है और उन पर भारी जुर्माना लगाया गया है। यह विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक ताने-बाने पर सीधा हमला है।’
एसकेएम ने जेएनयूएसयू के सभी पदाधिकारियों और पूर्व अध्यक्ष पर लगाए गए निष्कासन आदेशों और जुर्माने को तत्काल वापस लेने की मांग की।
विश्वविद्यालय ने दो फरवरी को जेएनयूएसयू के चार पदाधिकारियों के साथ-साथ छात्र संगठन के एक पूर्व अध्यक्ष को निष्कासित करने का आदेश दिया।
यह कार्रवाई एक जांच के बाद की गई जिसमें उन्हें 21 नवंबर 2025 को ‘डॉ. बी. आर. आंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी’ में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘विश्वविद्यालय की संपत्ति को व्यापक नुकसान’ पहुंचाने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।
आदेश के अनुसार, छात्रों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया गया और तत्काल प्रभाव से उन्हें परिसर से बाहर जाने की घोषणा कर दी गई, साथ ही उन पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
भाषा
शुभम वैभव
वैभव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
