पटियाला, तीन फरवरी (भाषा) शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया उच्चतम न्यायालय द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत दिए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को पटियाला की न्यू नाभा जेल से बाहर आ गए।
सात महीने जेल में बिताने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने पिछले साल 25 जून को अमृतसर स्थित उनके आवास से मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था जिसमें कथित तौर पर मादक पदार्थों के 540 करोड़ रुपये का धनशोधन भी शामिल है।
मजीठिया के समर्थक जेल के बाहर उनका स्वागत करने के लिए जमा हुए और शिअद के समर्थन में नारे लगाए।
दोपहर करीब 2:15 बजे जेल से बाहर आने के बाद मजीठिया ने अपनी मूंछों को अपने खास अंदाज में घुमाया, जिससे उनके समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए।
उनके समर्थकों ने उन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं।
एक कार की छत पर बैठे हुए उन्होंने ईश्वर को धन्यवाद किया। उन्होंने हाथ जोड़कर अपने समर्थकों का भी आभार व्यक्त किया।
मीडिया से बात करते हुए मजीठिया ने कहा, ‘मैं आपकी प्रार्थनाओं और आशीर्वाद के कारण बाहर आया हूं।’
अकाली नेता की पत्नी, गनीव कौर मजीठिया भी वहां मौजूद थीं और उन्होंने ईश्वर और उच्चतम न्यायालय को धन्यवाद दिया।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘यह सत्य की जीत है। सरकार यह भूल गई थी कि ऊपर ईश्वर है।’
जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे जहां मजीठिया के समर्थक मिठाई के डिब्बे लाते नजर आए।
अमृतसर में मजीठिया के आवास के बाहर उनके समर्थक इकट्ठे हुए, मिठाई बांटी और ढोल की थाप पर डांस किया।
मजीठिया शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं।
उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सोमवार को मजीठिया को जमानत देने का आदेश दिया। यह सुनवाई पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के चार दिसंबर के उस आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई, जिसमें उन्हें इस मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश
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