बेलगावी (कर्नाटक), 21 दिसंबर (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में बुधवार को विपक्षी दल कांग्रेस के हंगामे और आसन के निकट शोर-शराबा करने के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। पार्टी ने मांग की कि मंत्री गोविंद करजोल पार्टी के विधायकों के खिलाफ अपनी कथित ‘‘अहंकारयुक्त’’ टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त करें।
सदन में सियासी गहमागहमी देखी गई। इस दौरान कानून और संसदीय मामलों के मंत्री जे सी मधुस्वामी ने कांग्रेस की एक अन्य विधायक को उनके ‘अमर्यादित व्यवहार’ के लिए कार्यवाही से निलंबित करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव लाने की चेतावनी दी।
हालांकि, दोपहर के भोजन के बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध समाप्त होने और कार्यवाही को आगे बढ़ाने का निर्णय लेने के बाद मामला थोड़ा शांत हुआ।
यह मुद्दा प्रश्नकाल के दौरान उठाया गया और कांग्रेस और जद (एस) के सदस्य आसन के निकट आ गये। विपक्षी दलों के सदस्य राज्य के कई हिस्सों में सरकारी बसों की कमी के कारण छात्रों को हो रही दिक्कतों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री बी श्रीरामुलु के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।
इसके बाद परिवहन मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि वह सत्र समाप्त होने से पहले संभागवार विधायकों की बैठक बुलाकर बसों की कमी से उत्पन्न समस्या का समाधान कराएंगे और साथ ही विधानसभा में इस मामले पर अलग से आधे घंटे की चर्चा होगी, जिसके बाद अन्य सभी सदस्य अपने-अपने स्थानों पर लौट गए।
हालांकि, कुनिगल के कांग्रेस विधायक एच डी रंगनाथ आसन के निकट ही खड़े रहे। लेकिन मंत्री करजोल ने रंगनाथ को आसन से दूर जाने के लिए कहा। करजोल के साथ मधुस्वामी भी शामिल हो गए।
दोनों मंत्रियों के आचरण से नाराज कांग्रेस के सदस्य सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाना बनाते हुए सदन के बीचोबीच आ गए।
विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आप सदस्य के खिलाफ क्यों चिल्ला रहे हैं, यह उनका अधिकार है।’’
इससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस बीच सदन में आए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस से मामले को आगे नहीं बढ़ाने और विधानसभा की कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया और आश्वासन दिया कि बस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
भाषा देवेंद्र संतोष
संतोष
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