चंडीगढ़, 11 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पिछले एक वर्ष में हुए कार्य विस्तार और भविष्य की योजनाओं पर, संगठन के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय की तीन दिवसीय बैठक में चर्चा की जाएगी। ये बैठक हरियाणा के समालखा में 13 मार्च से शुरू होगी। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, संघ के अन्य शीर्ष नेताओं और इसके 32 सहयोगी संगठनों के अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) में भाग लेंगे।
पानीपत के समालखा में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए, आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने कहा कि बैठक में 2025-26 के दौरान हुई संघ की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी और विभिन्न क्षेत्रों में की गई महत्वपूर्ण पहल पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
चूंकि इस साल संघ का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है, इसलिए बैठक में समारोहों के अंतर्गत आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों और अभियानों पर विस्तृत चर्चा शामिल होगी। इन कार्यक्रमों में गृह संपर्क, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रमुख नागरिकों की सभाएं और सामाजिक सद्भाव बैठकें शामिल हैं।
अंबेकर ने कहा कि आरएसएस ‘गृह संपर्क’ के तहत 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में संघ के कार्यों का विस्तार हुआ है, जिसमें लगभग 6,000 नयी शाखाएं जोड़ी गई हैं, और इसका विस्तृत विवरण भी बैठक के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा।
अंबेकर ने कहा कि तीन दिवसीय बैठक के दौरान संघ शिक्षा वर्ग (प्रशिक्षण शिविर), कार्यकर्ता विकास वर्ग (कार्यकर्ता विकास पाठ्यक्रम) और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा तथा आगामी वर्ष के लिए संघ की कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
भाषा शफीक नरेश
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