नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) आयकर विभाग ने पिछले महीने गुजरात के एक कारोबारी समूह पर छापेमारी के बाद एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की बिना हिसाब की आय का पता लगाया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इसने एक बयान में कहा, ‘अब तक 24 करोड़ रुपये की बिना हिसाब की नकदी और 20 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण आदि जब्त किए गए हैं।’
छापेमारी 20 जुलाई को शुरू की गई और एजेंसी ने खेड़ा, अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद तथा कोलकाता में 58 परिसरों की तलाशी ली।
समूह की पहचान उजागर किए बिना सीबीडीटी ने कहा कि ‘प्रमुख’ कारोबारी समूह कपड़ा, रसायन, पैकेजिंग, भूमि एवं भवन और शिक्षा जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़ा है।
सीबीडीटी कर विभाग का प्रशासनिक प्राधिकार है।
इसने कहा कि छापे के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा से पता चलता है कि समूह विभिन्न तरीके अपनाकर ‘बड़े पैमाने पर’ कर चोरी में शामिल रहा है, जिसमें ‘बेहिसाब’ नकद बिक्री, फर्जी खरीद बुकिंग और भूमि एवं भवन संबंधी लेन-देन से जुड़ी नकद रसीदें शामिल हैं।
सीबीडीटी ने कहा, ‘समूह को कोलकाता स्थित मुखौटा कंपनियों से शेयर प्रीमियम के माध्यम से बेहिसाब रकम की लेयरिंग में भी शामिल पाया गया है।’
इसने कहा कि कारोबारी समूह ‘संचालकों के माध्यम से अपनी सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर की कीमतों में हेरफेर के माध्यम से मुनाफाखोरी में शामिल था।’
भाषा नेत्रपाल दिलीप
दिलीप
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