नई दिल्ली: पंजाब पुलिस की बुधवार को वीआईपी नंबर प्लेट लगी एक स्कॉर्पियो कार की रूटीन जांच में कथित तौर पर 4.3 किलो हेरोइन बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है. गाड़ी में सवार तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक राज्य की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) की युवा इकाई का सदस्य है.
यह बरामदगी अमृतसर जिले में नशे के खिलाफ चल रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत हुई. यह कार्रवाई एक हफ्ते बाद हुई है, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक सरपंच को ड्रग्स बरामदगी मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बारे में माना जाता है कि उसे AAP का समर्थन हासिल था.
बुधवार की इस बरामदगी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
पंजाब पुलिस के सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि गश्त कर रही टीम ने रूटीन जांच के दौरान स्कॉर्पियो कार की तलाशी ली और उसमें सवार लोगों की पहचान लवप्रीत सिंह, सिमरप्रीत सिंह और बलवंत सिंह के रूप में की. विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया पर लवप्रीत की तस्वीरें AAP के वरिष्ठ नेताओं के साथ साझा कीं, जिसके बाद उसे सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़ा बताया गया.
सूत्रों ने कहा कि इस एसयूवी से पुलिस टीम ने हेरोइन के साथ एक प्वाईंट 32 बोर की पिस्तौल और कई ज़िंदा कारतूस भी बरामद किए. तीनों लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
सूत्रों ने कहा कि बरामदगी और गिरफ्तारी के समय आरोपियों की पहचान और उनके राजनीतिक संबंधों की जानकारी पुलिस को नहीं थी.
पंजाब में 2022 से सत्ता में मौजूद AAP से लवप्रीत के संबंध की पुष्टि करते हुए पार्टी प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने उसकी गिरफ्तारी को राज्य सरकार की “ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी” का सबूत बताया. उन्होंने कहा कि ड्रग्स के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को, चाहे उसका कितना भी प्रभाव या पद क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि लवप्रीत अमृतसर क्षेत्र में पार्टी की युवा इकाई का सदस्य है.
पन्नू ने दिप्रिंट से कहा, “हमारे किसी मंत्री, वरिष्ठ नेता या यहां तक कि स्थानीय नेता ने भी पुलिस को फोन करके उसे छोड़ने के लिए नहीं कहा. क्या यह पहले की सरकारों से अलग नहीं है, जहां वरिष्ठ नेता ड्रग माफिया को खुली छूट देते थे?”
सत्तारूढ़ पार्टी से लवप्रीत के संबंध गुरुवार को तब सामने आए, जब सुखपाल सिंह खैरा, बिक्रम सिंह मजीठिया और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे विपक्षी नेताओं ने उसकी तस्वीरें मुख्यमंत्री मान और AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के साथ पोस्ट कीं.
जहां खैरा ने एक्स पर दावा किया कि लवप्रीत कोट हिरदे राम गांव का सरपंच है, वहीं पुलिस सूत्रों ने कहा कि उसके परिवार का एक सदस्य उस गांव का सरपंच है.
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि गांव का सरपंच होने के अलावा लवप्रीत स्थानीय AAP नेता तलबीर सिंह गिल का निजी सहायक भी था. मजीठिया के पहले करीबी सहयोगी रहे गिल को अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मजीठिया विधानसभा सीट से AAP उम्मीदवार घोषित किया गया है.
दिप्रिंट ने गिल और उनके दफ्तर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. व्हाट्सऐप पर एक सवाल भेजा गया है और जवाब का इंतजार है.
मजीठिया ने एनसीबी से भी मांग की कि इलाके में गिरफ्तार लोगों के ड्रग नेटवर्क और उनके संबंधों की गहराई से जांच की जाए. मजीठिया ने आरोप लगाया कि इस ताजा मामले ने राज्य के ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान की सच्चाई सामने ला दी है. उन्होंने लवप्रीत के संबंधों और पार्टी नेतृत्व तक उसकी पहुंच पर सवाल उठाए.
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी कहा कि AAP का नशे के खिलाफ रुख इस मामले से बेनकाब हो गया है.
एक हफ्ते पहले एनसीबी ने परमजीत सिंह उर्फ पम्मा को गिरफ्तार किया था, जो तरनतारन के कलसियां गांव का सरपंच होने के नाते गांव रक्षा समितियों का प्रमुख था. उसे अपने चचेरे भाई को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उसका चचेरा भाई एक ऐसे मामले में वांछित आरोपी है, जिसमें सीमा क्षेत्र से हेरोइन समेत 18 किलो प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किए गए थे.
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