कोलकाता, 15 अगस्त (भाषा) कोलकाता के आरजी कर अस्पताल बलात्कार एवं हत्याकांड की पीड़िता के पिता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख कर निचली अदालत के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसमें उनके वकीलों को सरकारी चिकित्सा संस्थान में अपराध स्थल पर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उनका दृढ़ विश्वास है कि संजय रॉय के साथ अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे, जिसे पिछले साल नौ अगस्त को महिला चिकित्सक से बलात्कार और हत्या के मामले में निचली अदालत ने दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
उनके वकील ने कहा कि इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह की शुरुआत में उच्च न्यायालय की एकल पीठ के समक्ष होने की संभावना है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि जांच में किसी भी महत्वपूर्ण चूक का पता लगाने में अदालत की सहायता के लिए, घटनास्थल की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
उन्होंने प्रार्थना की कि उनके वकील फ़िरोज़ एडुल्जी और छह अन्य कनिष्ठ अधिवक्ताओं को इस उद्देश्य के लिए आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में घटनास्थल पर दो घंटे के लिए जाने की अनुमति दी जाए।
याचिकाकर्ता ने प्रार्थना की कि सियालदह अदालत के नौ जुलाई के आदेश को रद्द किया जाए, जिसमें उनके वकीलों को घटनास्थल पर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
उत्तरी कोलकाता स्थित आरजी कर अस्पताल के सेमिनार कक्ष में नौ अगस्त, 2024 को ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक का शव मिला, जिसके बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए।
नगर पुलिस के पूर्व नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को सियालदह की सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
भाषा रंजन रंजन दिलीप
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