नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने खान मार्केट को “दिल्ली की शान” करार देते हुए क्षेत्र के कई रेस्तराओं को 50 से कम ग्राहकों की उपस्थिति बनाए रखने पर अग्नि अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के बिना संचालन की शुक्रवार को अनुमति दे दी।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि ये रेस्तरां शहर के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण वाणिज्यिक क्षेत्र में स्थित हैं, जहां उसकी स्थापना के बाद से ही “संरचनात्मक बाधाएं” मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अदालत नहीं चाहती कि ये रेस्तरां किसी “बाहरी” परिस्थिति के कारण बंद हो जाएं।
उच्च न्यायालय ने खान मार्केट में संचालित खान चाचा, एंग्लो, स्टारबक्स कॉफी और स्लाई ग्रैनी जैसे प्रमुख रेस्तरां की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह फैसला पारित किया।
रेस्तरां मालिकों ने अग्नि अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के बिना अपने व्यवसाय का संचालन करने के लिए स्वास्थ्य लाइसेंस के नवीनीकरण और अन्य स्वीकृतियों का अनुरोध किया था।
उच्च न्यायालय ने कहा, “ये रेस्तरां दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित हैं। खान मार्केट एक धरोहर बाजार भी है। इसकी विशिष्ट और अनूठी वास्तुकला, विशेषता और संस्कृति सुस्थापित है। संरचनात्मक बाधाओं के कारण पूरे बाजार में पहली और दूसरी मंजिल (जहां रेस्तरां स्थित हैं) के लिए केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार है। यह स्थिति इसकी स्थापना के समय से ही बनी हुई है।”
उसने कहा, “याचिकाकर्ता अपने परिसर में जब तक एक समय में 50 से कम ग्राहकों की उपस्थिति बनाए रखते हैं, तब तक उन्हें केवल अग्नि अनापत्ति प्रमाणपत्र की कमी के कारण रेस्तरां चलाने से नहीं रोका जाएगा।”
अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर याचिकाकर्ताओं के खिलाफ अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी के लिए कोई कार्रवाई करने पर विचार किया जाता है, तो उस पर 30 दिन की पूर्व सूचना के बिना अमल नहीं किया जाएगा।
भाषा पारुल अविनाश
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