मुंबई, 30 दिसंबर (भाषा) मुंबई के सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बकाया भुगतान सहित उनकी अन्य मांगें नहीं माने जाने पर दो जनवरी से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
राज्य में सरकार द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेजों में उनके साथी डॉक्टरों ने सोमवार से काम से विरत रहने की घोषणा पहले ही कर दी है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के अस्पतालों में चिकित्सा शिक्षा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल संभावित रूप से अस्पतालों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाओं को पंगु बना सकती हैं।
बीएमसी के अस्पतालों से हजारों रेजिडेंट डॉक्टर जुड़े हुए हैं।
महाराष्ट्र में रेजिडेंट डॉक्टरों की एक अग्रणी संस्था, महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) के बीएमसी प्रकोष्ठ ने कहा है कि रेजिडेंट डॉक्टर आपातकालीन सेवाओं को जारी रखेंगे।
बीएमसी-एमएआरडी ने अधिकारियों को लिखे पत्र में एक जुलाई, 2018 से महंगाई भत्ते के बकाया के भुगतान के साथ-साथ बीएमसी अस्पतालों में महंगाई भत्ते पर एक सरकारी प्रस्ताव को लागू करने की मांग की है।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने राज्य भर में 1,432 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती के साथ-साथ रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन में समानता की भी मांग की है।
बीएमसी-एमएआरडी ने सरकार से शिक्षण कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए सहयोगी और सहायक प्रोफेसरों की रिक्तियों को भरने के लिए भी कहा है।
वेतन में किसी भी तरह की विसंगतियों को दूर करने के लिए एसोसिएशन ने पूरे महाराष्ट्र के सभी वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों को समान वेतन देने की भी मांग की है।
भाषा रवि कांत पवनेश
पवनेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
