scorecardresearch
Friday, 17 April, 2026
होमदेशईशा फाउंडेशन के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाए तमिल पत्रिका : दिल्ली उच्च न्यायालय

ईशा फाउंडेशन के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाए तमिल पत्रिका : दिल्ली उच्च न्यायालय

Text Size:

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक तमिल मीडिया प्रतिष्ठान को सद्गुरु जगदीश वासुदेव के ईशा फाउंडेशन के खिलाफ प्रकाशित कुछ मानहानिकारक सामग्री को हटाने का निर्देश दिया है।

फाउंडेशन ने 2024 में पत्रिका ‘‘नक्कीरन’’ और उसके संपादक के खिलाफ मानहानि के आरोप में याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने 19 मार्च को अंतरिम आदेश पारित किया।

अदालत ने पत्रिका की इस स्तर पर ही मुकदमे को खारिज करने की याचिका को भी अस्वीकार कर दिया।

मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ‘‘नक्कीरन’’ ने ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के प्रयास में अपमानजनक, अशोभनीय और आपत्तिजनक सामग्री वाले कई वीडियो प्रसारित किए थे।

‘‘नक्कीरन’’ ने ईशा फाउंडेशन पर शोषण और लोगों को बहकाने का आरोप लगाया था।

ईशा फाउंडेशन ने एक बयान में अदालत के फैसले का स्वागत किया और व्यापक सामाजिक विकास और मानव कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बयान में कहा गया, ‘‘हम माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के इस अंतरिम आदेश का तहे दिल से स्वागत करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ मीडिया संस्थान और व्यक्ति जानबूझकर जनता को गुमराह करने के प्रयास में बिना किसी सबूत के झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाते हैं।’’

भाषा सुरभि अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments