पणजी, 21 अप्रैल (भाषा) गोवा में सेंट फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ दक्षिणपंथी कार्यकर्ता गौतम खट्टर की टिप्पणियों को लेकर मचे बवाल के बीच राज्य पुलिस ने उसकी (खट्टर) धरपकड़ के लिए कई टीम गठित की हैं। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच राज्य पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि गोवा में वास्को, ओल्ड गोवा, पणजी और मारगाओ सहित एक दर्जन से अधिक जगहों पर खट्टर के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब शनिवार शाम आयोजित एक कार्यक्रम में सनातन महासंघ के संस्थापक खट्टर के संबोधन से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु स्वामी ब्रह्मेशानंद, गोवा के परिवहन मंत्री मौविन गोडिन्हो और भाजपा विधायक संकल्प अमोनकर तथा दाजी (कृष्ण) सालकर भी मौजूद थे।
खट्टर के खिलाफ वास्को पुलिस थाने में “धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने” के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर सेंट फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है, जिनके अवशेष ओल्ड गोवा के बॉम जीसस चर्च के बेसिलिका में संरक्षित हैं।
पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से खट्टर के बारे में पता नहीं चल पा रहा है और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस अधीक्षक (अपराध) राहुल गुप्ता ने कहा, “खट्टर का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए कई टीम गठित की गई हैं।”
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) वेद प्रकाश सूर्या ने कहा कि मामले की जांच तत्काल प्रभाव से अपराध शाखा को सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि वास्को पुलिस को मामले से जुड़ी सामग्री और केस डायरी को अपराध शाखा को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि राज्य में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने वाले वक्ताओं को सांप्रदायिक सद्भाव में खलल डालने वाली टिप्पणियां करने से बचना चाहिए।
कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने पणजी में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आलोक कुमार से मुलाकात की और खट्टर की गिरफ्तारी की मांग की।
भाषा पारुल माधव
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