नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में नवंबर 2025 में हुए लाल किला ब्लास्ट केस में गिरफ्तार आरोपी जमीर अहमद अहंगर और तुफैल अहमद शाह की हिरासत को एनआईए की विशेष अदालत ने पांच दिन के लिए बढ़ा दिया है.
दोनों आरोपियों को 10 दिन की रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया था. इसके बाद विशेष एनआईए जज पितांबर दत्त ने बंद कमरे में सुनवाई करते हुए उनकी हिरासत पांच दिन और बढ़ाने का आदेश दिया. हालांकि, एनआईए ने जांच के लिए 15 दिन की अतिरिक्त हिरासत मांगी थी.
अदालत ने इस मामले में बिलाल नासिर मल्ला और यासिर अहमद डार से जुड़ी जांच की अवधि भी 45 दिन के लिए बढ़ा दी है.
बताया गया है कि दोनों आरोपियों को जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली लाई थी, जिसके बाद उनकी हिरासत एनआईए को सौंप दी गई.
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा कर रहे थे. आरोप है कि जमीर को उमर, इरफान और आदिल ने राइफल, पिस्टल और जिंदा कारतूस दिए थे. जमीर और तुफैल के अंसार गजावत-उल-हिंद संगठन से जुड़े होने की भी आशंका है.
इस मामले में एनआईए पहले ही डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुजम्मिल शकील, आदिल अहमद, जसीर बिलाल वानी, नासिर बिलाल मल्ला, यासिर अहमद डार, मुफ्ती इरफान अहमद और आमिर राशिद समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. पूछताछ के बाद ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
यह मामला 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के पास हुए घातक विस्फोट से जुड़ा है. इस धमाके में आरोपी उमर उन नबी की मौत हो गई थी, जो कथित तौर पर उस कार को चला रहा था जिसमें विस्फोट हुआ था.
