मुंबई, 26 अक्टूबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को ‘‘500 करोड़ रुपये’’ के भुगतान के आरोपों की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की।
राउत ने पत्र में कहा कि जरांगे द्वारा एक ऑडियो क्लिप के रूप में किए गए खुलासे कई मायनों में बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, सबसे चौंकाने वाला और गंभीर पहलू 500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से जुड़ा है।
पिछले सप्ताह जरांगे ने एक ऑडियो क्लिप जारी की थी, जिसमें कथित तौर पर हुई बातचीत में दावा किया गया था कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से उन्हें 500 करोड़ रुपये पहुंचाये गए हैं।
जरांगे ने कोई भी पैसा लेने से इनकार करते हुए दावा किया कि किसानों और आम नागरिकों के मुद्दे उठाने के कारण उनके खिलाफ साजिश रची गई है।
एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे ने भी उनके माध्यम से जरांगे को पैसे दिए जाने के आरोपों को खारिज किया है।
राउत ने कहा, “इसकी (आरोपों) गहन जांच होनी चाहिए कि 500 करोड़ रुपये किसने किसको दिए और यदि यह पैसा जरांगे पाटिल तक नहीं पहुंचा, तो गायब कहां हो गया? इतनी बड़ी रकम कहां से आई और कहां गई?”
उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह धन शोधन का मामला प्रतीत होता है और इसकी उसी रूप में जांच की जानी चाहिए।
शाह को लिखे पत्र में राउत ने कहा, “इन सवालों के जवाब तत्काल दिए जाने की जरूरत है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मामले की गहन जांच के लिए महाराष्ट्र पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जल्द से जल्द जांच करने तथा महाराष्ट्र और देश की जनता के सामने सच्चाई लाने का निर्देश दें। साथ ही, इस घोटाले में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए।”
केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि शाह के नेतृत्व में ईडी भारत में धन शोधन के मामलों की जांच में अग्रणी रही है। उन्होंने दावा किया कि ईडी ने इससे कहीं कम राशि से जुड़े मामलों की जांच करके भी अपनी पहचान बनाई है।
राउत ने कहा कि मार्च 2021 में मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उनसे हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलकर उन्हें देने को कहा था। राउत ने कहा कि परमबीर सिंह ने यह आरोप बिना किसी सबूत के लगाया था, इसके बावजूद ईडी ने तेजी से कार्रवाई की और देशमुख को गिरफ्तार भी किया।
उन्होंने कहा, “इस मामले की तुलना में मनोज जरांगे पाटिल के खुलासे कहीं अधिक गंभीर हैं, क्योंकि उन्होंने ऑडियो क्लिप के रूप में स्पष्ट और अकाट्य सबूत दिए हैं और इसमें शामिल राशि भी काफी बड़ी है।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया था कि राउत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एजेंडे को आगे बढ़ाने और सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों के बीच दरार पैदा करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से फर्जी ऑडियो क्लिप तैयार की।
इसके बाद राउत ने दावा किया कि भाजपा के एक विधान परिषद सदस्य ने यह ऑडियो क्लिप लीक की थी। उन्होंने इसे भाजपा के भीतर ‘गलाकाट प्रतिस्पर्धा’ का नतीजा बताया।
जरांगे ने कोई भी राशि मिलने से इनकार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस विवाद की तह तक जाना चाहिए। जरांगे ने अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और मराठा आरक्षण आंदोलन को बदनाम करने के प्रयासों में ‘पार्टी के कोष’ का इस्तेमाल किया गया।
भाषा अमित वैभव
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