चेन्नई, 23 जुलाई (भाषा) तमिल फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने क्रिया योग और चक्र ध्यान के बारे में जब अपनी जानकारियों को दर्शकों और प्रशंसकों के साथ साझा किया तो वे सभी मंत्रमुग्ध हो गए।
रजनीकांत ने कहा कि ‘श्री राघवेंद्र’ और ‘बाबा’ जैसी फिल्मों में काम करने से उनकी आत्मा को संतुष्टि और शांति मिली है।
रजनीकांत ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर ध्यान मुद्रा में बैठकर दर्शकों के साथ क्रिया योग और चक्र ध्यान के बारे में बात की।
कार्यक्रम में मौजूद योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईएसएस) के वरिष्ठ संन्यासी स्वामी शुद्धानंद गिरि ने जब लोगों से कुछ मिनट के लिए ध्यान करने की अपील की तो दिग्गज अभिनेता ने ‘ओम गुरुवे सरनाम’ मंत्र का उच्चारण करते हुए ध्यान शुरू किया।
अभिनेता ने कहा कि उन्हें वाईएसएस के तत्वावधान में तमिल में आयोजित ‘क्रिया योग के माध्यम से एक सुखी और सफल जीवन’ को लोगों का इतना अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद नहीं थी।
रजनीकांत ने अपने प्रशंसकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘आपको सम्बोधित करते समय स्वामीजी अपने नोट्स का उल्लेख करते हुए देख रहे थे, मैंने सोचा कि मुझे अपने साथ कुछ नोट्स भी लाने चाहिए थे। लेकिन मैं इसके बिना यहां आया।’
अभिनेता ने योग और ध्यान संबंधी विषयों को अपने दिल के करीब बताते हुए कहा कि हालांकि उन्होंने कई फिल्में की हैं लेकिन जिन फिल्मों ने उन्हें ‘आत्मा की संतुष्टि’ दी वे ‘श्री राघवेंद्र’ और ‘बाबा’ थीं।
उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि उन महान आत्माओं को कैसे धन्यवाद दूं जिन्होंने मुझे उन फिल्मों में अभिनय करने के लिए प्रेरित किया।’
भाषा रवि कांत संतोष
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