जयपुर, नौ मार्च (भाषा) राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के एक विधायक द्वारा डूंगरपुर जिले में पुलिस पर ‘आम लोगों को लूटने’ का आरोप लगाए जाने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
सरकार की ओर से गृह राज्य मंत्री ने विधायक के आरोपों का खंडन किया और कहा कि जिले में अपराधों में कमी आई है।
शून्य काल में कांग्रेस के विधायक गणेश घोघरा ने यह मुद्दा उठाया।
घोघरा ने कहा,” जब से राज्य में ‘डबल इंजन सरकार’ बनी है पुलिस विभाग द्वारा आम लोगों को लूटा जा रहा है।’
उन्होंने दावा किया कि रामसांकड़ा थाने में बच्चों के साथ मारपीट के मामले में झूठे मुकदमे में बेगुनाह लोगों को फंसाया जा रहा है।
कांग्रेस विधायक ने बिछीवाड़ा पुलिस थाने में भी इसी तरह की गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लोगों को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने सवाल किया, ‘जब लोग मेरे पास आते हैं तो थाने वाले कहते हैं कि तुम नेताओं से सिफारिश करवाते हो… नेता के पास क्यों गए …. अगर पुलिस नहीं सुनवाई करती तो लोग कहां जाएं?’
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस थानों में शिकायत दर्ज करने के लिए 10,000 से 15,000 रुपये मांगे जा रहे थे।
वहीं, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया जिसके बाद सदन में उनके और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच नोकझोंक हुई। बेढम ने दावा किया कि पुलिस की सख्ती से डूंगरपुर जिले में अपराधों में 16 प्रतिशत से ज्यादा कमी आई है।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत
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