कोटा(राजस्थान), तीन जनवरी (भाषा) राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य की सीमाओं में बदलाव करते हुए एक अधिसूचना जारी की है। इसके तहत चंबल नदी के दोनों किनारों पर स्थित 732 हेक्टेयर भूमि को गैर-अधिसूचित कर दिया गया है।
सरकार के इस फैसले का क्षेत्र के मकान मालिकों और व्यापारियों ने स्वागत किया है, लेकिन पर्यावरणविदो ने चिंता जताई है।
राज्यपाल के आदेश से जारी और राज्य के प्रधान सचिव द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना के अनुसार, चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र अब जवाहर सागर बांध से हैंगिंग ब्रिज तक होगा, जो पहले कोटा बैराज तक फैला हुआ था।
गैर-अधिसूचित क्षेत्र में हैंगिंग ब्रिज से लेकर कोटा बैराज तक का वन क्षेत्र, नदी तटवर्ती क्षेत्र और निर्जन भूमि शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि संशोधित सीमा अधिसूचना का उद्देश्य विशिष्ट राजस्व क्षेत्रों को छोड़कर राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के संरक्षित क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना है, जिससे बेहतर प्रशासनिक स्पष्टता और संरक्षण प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे एक लाख से अधिक निवासियों को राहत मिलेगी और औद्योगिक विकास के अवसर प्राप्त होंगे।
गैर सरकारी संगठन जल बिरादरी से जुड़े बृजेश विजयवर्गीय ने दावा किया कि इससे चंबल में और अधिक प्रदूषण होगा और जलीय जीवन को नुकसान पहुंचेगा।
भाषा धीरज सुरेश
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