कोलकाता/नागपुर/शिमला, 24 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराये जाने के खिलाफ शुक्रवार को पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में प्रदर्शन किया।
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने मध्य कोलकाता में एक विरोध सभा आयोजित की और कहा कि वह पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा के अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ शनिवार को रेल और सड़क जाम करेगी।
कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने राहुल को अयोग्य ठहराये जाने को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण करार देते हुए कहा कि यह सत्तारूढ़ दल का ‘शर्मनाक कृत्य’ है।
आशुतोष चटर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राहुल गांधी द्वारा युवाओं और देश के दलितों के हित में मुद्दों को उठाने के बाद से भाजपा प्रतिशोध की राजनीति का सहारा ले रही है।’’
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मध्य कोलकाता के व्यस्त मौलाली चौराहे पर भाजपा विरोधी नारे लगाए।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी के खिलाफ काम कर रही थी, क्योंकि पार्टी ने अडाणी के शेयरों के मुद्दे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग की थी।
‘भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिवस’ जैसे नारे लिखी हुईं तख्तियां लिए कांग्रेस नेता कौस्तव बागची ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता शनिवार को रेल और सड़क जाम करेंगे।
वहीं, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को अयोग्य ठहराए जाने को लेकर शुक्रवार को नागपुर में भी विरोध प्रदर्शन किया।
इन्होंने केंद्र सरकार की कथित ‘तानाशाही’ के खिलाफ नारेबाजी की और यहां मेडिकल स्क्वायर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका।
नागपुर जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने कहा कि शाम को संविधान चौक पर और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
गौरतलब है कि सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि के मामले में सजा सुनाये जाने के मद्देनजर केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे राहुल गांधी को शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया गया। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि उनकी अयोग्यता संबंधी आदेश 23 मार्च से प्रभावी होगा।
सूरत की एक अदालत ने ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दो साल कारावास की सजा सुनाई थी।
अदालत ने, हालांकि गांधी को जमानत भी दे दी तथा उनकी सजा के अमल पर 30 दिनों तक के लिए रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता फैसले को चुनौती दे सकें।
इस बीच, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य के सभी कांग्रेस विधायकों ने पार्टी नेता राहुल गांधी के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए शुक्रवार को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘तानाशाही नहीं चलेगी, गुंडागर्दी नहीं चलेगी’, ‘राहुल गांधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ और ‘जो हिटलर की चाल चलेगा, वो हिटलर की मौत मरेगा’ जैसे नारे भी लगाए गए।
सुक्खू ने संवाददाताओं से कहा कि जनता के मुद्दों को उठाने वाले राहुल गांधी को बदनाम करने की साजिश रची गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (गांधी ने) कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘पदयात्रा’ की और वह लोगों की सच्ची आवाज उठाने वाले तथा लोकतंत्र को जीवित रखने वाले एकमात्र नेता हैं। हम सभी उनके साथ हैं। ’’
पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और जिस जल्दबाजी में राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य घोषित किया गया है वह निंदनीय और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
बाजवा ने कहा, ‘‘संसद के बजट सत्र की शुरुआत से ही भाजपा की यही रणनीति रही है कि राहुल गांधी को अडाणी पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट का मुद्दा उठाने की इजाजत नहीं दी जाये। यह कार्रवाई भाजपा के लिए उसके ताबूत में मौत की आखिरी कील की तरह है। भाजपा, कांग्रेस को खत्म करने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस एक बीज की तरह है, जो बार-बार अंकुरित होगी।’’
हमीरपुर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी की।
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रवि कांत पवनेश सुरेश
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