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Wednesday, 11 February, 2026
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पंजाब: विपक्ष ने मोगा में प्रवासी मजदूरों पर गोलीबारी के मामले में भगवंत मान की कड़ी आलोचना की

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चंडीगढ़, 11 फरवरी (भाषा) पंजाब में विपक्ष ने बुधवार को मोगा में प्रवासी मजदूरों पर हुई गोलीबारी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की कड़ी आलोचना की और भगवंत मान सरकार से ‘नींद से जागने’ को कहा।

उन्होंने समाज में फूट डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पंजाब के मोगा जिले में मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार को मजदूरों के एक समूह पर कथित तौर पर गोलीबारी की, जिसमें दो प्रवासी मजदूर घायल हो गए।

यह घटना जीरा रोड पर उस समय हुई, जब प्रवासी मजदूर एक कारखाने में काम करने के बाद भोजन करने जा रहे थे। घटना के बाद इंस्टाग्राम पर एक अपुष्ट पोस्ट सामने आई, जिसमें निर्वैर सिंह नामक एक उपयोगकर्ता ने गोलीबारी की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में कथित घटना का एक वीडियो भी था।

पुलिस ने कहा कि हमलावरों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं और मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है।

भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गोलीबारी की निंदा करते हुए कहा कि प्रवासी मजदूरों को एक साजिश के तहत निशाना बनाया गया है।

जाखड़ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहले पंजाब में व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा था, जिसके चलते कोई भी नया उद्योग यहां आने को तैयार नहीं था। अब मोगा में एक ऐसी घटना घटी है, जहां प्रवासी श्रमिकों को साजिश के तहत निशाना बनाया गया है। यह पंजाबियत नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि ये प्रवासी श्रमिक पंजाब के उद्योग और कृषि में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह एक बेहद निंदनीय कृत्य है। भगवंत मान सरकार को नींद से जागना चाहिए और समाज में फूट डालने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली ताकतों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस दिखाना चाहिए।’’

घटना के बाद सामने आए इस अपुष्ट पोस्ट में दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों पर गोलीबारी लाडी भलवान और निर्वैर सिंह ने की थी।

पोस्ट में कहा गया कि यह गोलीबारी पंजाब के माहौल को ‘खराब’ करने वाले इन प्रवासी श्रमिकों के खिलाफ ‘विरोध’ के रूप में की गई थी। इसमें यह भी चेतावनी दी गई कि अगर प्रवासी श्रमिकों को गांवों और कस्बों से नहीं निकाला गया तो और अधिक हिंसा हो सकती है।

इस पोस्ट में प्रवासी श्रमिकों से जुड़े पिछले अपराधों का हवाला देकर हमले को जायज ठहराने की कोशिश की गई है। इसमें उन सरपंचों और पंचायत सदस्यों को चेतावनी दी गई, जो वोट के लालच में प्रवासी श्रमिकों के आधार कार्ड बनवाते हैं और उन्हें रहने की अनुमति देते हैं।

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने प्रवासी श्रमिकों पर हुई गोलीबारी की घटना को ‘चिंताजनक और परेशान करने वाला’ बताया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। प्रवासी श्रमिकों पर हुए हमलों की जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमें एकजुट रहते हुए ऐसी ताकतों को हराना होगा। मुझे उम्मीद है कि पंजाब की ‘आप’ सरकार और भारत सरकार इस पर गंभीरता से ध्यान देगी।’’

वडिंग ने आगे कहा, ‘‘हमें अपने पंजाब के लिए इस गंभीर खतरे से निपटने के वास्ते दलगत राजनीति से ऊपर उठना होगा।’’

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पूर्ण ‘अराजकता और गैंगस्टर राज’ के बाद पंजाब को अस्थिर करने के लिए एक नई साजिश रची जा रही है।

बादल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मोगा में प्रवासी मजदूरों पर हुई यह गोलीबारी इस भयावह साजिश को समझने के लिए काफी है।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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