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Friday, 16 January, 2026
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पंजाब में विपक्ष का ‘आप’ सरकार पर मीडिया की आवाज दबाने का आरोप

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जालंधर (पंजाब), 15 जनवरी (भाषा) पंजाब में विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर मीडिया की आवाज दबाने के लिए सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया।

यह प्रतिक्रिया पंजाब केसरी अखबार समूह द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को लिखे पत्र के बाद आई है, जिसमें समूह ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन एजेंसियां उसके खिलाफ कई छापे मार रही हैं। हालांकि, पंजाब सरकार ने देर शाम जारी एक आधिकारिक बयान में पंजाब केसरी समूह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ ‘आप’ सरकार प्रेस को डराने के लिए सत्ता की शक्तियों का इस्तेमाल कर रही है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने “मीडिया की स्वतंत्रता पर हमले” की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर 17 जनवरी को राज्यपाल से मुलाकात करेगा।

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी अखबार समूह पर कथित कार्रवाई की निंदा की।

उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “जब सरकारें डरने लगती हैं और उन्हें अपने पतन के संकेत साफ दिखने लगते हैं, तो सबसे पहले जनता के लिए खड़े रहने वाले स्वतंत्र मीडिया और विपक्षी दल निशाने पर आते हैं।”

बाजवा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी, छापे और विज्ञापन रोकना—यह एक स्पष्ट संकेत है। भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी प्रेस की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। मैं पंजाब केसरी के साथ मजबूती से खड़ा हूं।”

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस कार्रवाई को “बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि राज्य के प्रमुख मीडिया संस्थान को इस तरह खुलेआम परेशान किया जाना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।

उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी ‘आप’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता गंवाने के डर से पंजाब सरकार मीडिया को डराने और दबाने का सहारा ले रही है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने आरोप लगाया कि ‘आप’ सरकार स्वतंत्र मीडिया की आवाज को खामोश करना चाहती है और इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि सरकार सभी लोकतांत्रिक मानदंड भूल चुकी है।

बादल ने कहा कि शिअद नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के बाद अब ‘आप’ सरकार ने प्रेस की स्वतंत्रता पर “बेशर्म हमला” शुरू कर दिया है।

भाषा खारी प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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