रूपनगर (पंजाब), 24 अप्रैल (भाषा) पंजाब के रूपनगर जिले के मोरिंडा शहर में सोमवार को एक गुरुद्वारे में दो ग्रंथियों के साथ मारपीट करने और गुरु ग्रंथ साहिब का निरादर करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद शहर में कई जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
पंजाब पुलिस ने आरोपी जसवीर सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज कर लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने भी इस घटना की निंदा की।
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी देखा जा रहा है, जिसमें जसवीर सिंह नामक एक व्यक्ति को कोतवाली साहिब गुरुद्वारे के गर्भगृह में रेलिंग पार करके और फिर गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ कर रहे दो ग्रंथियों के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद जसवीर गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान भी करता है।
जसवीर सिंह को बाद में गुरुद्वारे में मौजूद श्रद्धालुओं ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद उसे पुलिस को सौंप दिया गया। जसवीर पेशे से बिजली मिस्त्री है।
इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मोरिंडा पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। घटना के विरोध में मोरिंडा शहर में बाजार भी बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर पर पथराव भी किया।
पूर्व मुख्यमंत्रियों अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी के अलावा शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना पर हैरानी व्यक्त करते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की।
भगवंत मान ने कहा कि मोरिंडा की घटना बेहद निंदनीय है और इसके लिए किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
मान ने ट्वीट किया, ‘‘जिस किसी ने भी गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान किया है, उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। हमारे लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सम्मान सबसे पहले है।’’
मुख्यमंत्री ने लोगों से संयम बरतने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण ने गुरु ग्रंथ साहिब में आस्था रखने वाले हर व्यक्ति के मानस को चोट पहुंचाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब प्रत्येक व्यक्ति के लिए सर्वोच्च है और किसी को भी राज्य में कड़ी मेहनत से अर्जित शांति को भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मान ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए और दोषियों को सजा दी जाए।
पुलिस महानिरीक्षक गुरप्रीत सिंह भुल्लर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति का जायजा लेने मोरिंडा पहुंच गए हैं।
पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295ए और 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया और राज्य सरकार से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने कहा कि जब तक इस घटना के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित नहीं होगी तब तक बेअदबी की घटनाएं नहीं रुकेंगी। एसजीपीसी प्रमुख धामी ने कहा कि यह दुखद है कि बेअदबी की घटनाएं नहीं रुक रही हैं।
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इस घटना को ‘दर्दनाक, बेहद परेशान करने वाला और अक्षम्य’ बताया।
इस घटना को लेकर अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘मोरिंडा में गुरुद्वारा श्री कोतवाली साहिब में बेअदबी की घटना बेहद निंदनीय है। मैं पंजाब पुलिस से इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को तुरंत गिरफ्तार करने और सख्त से सख्त सजा देने का आग्रह करता हूं।’’
कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य सरकार से आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है।
प्रताप सिंह बाजवा ने ट्वीट किया, ‘‘पंजाब के मोरिंडा में गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी की घटना के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं। इसका जिम्मेदार व्यक्ति पकड़ा गया है और वह पुलिस हिरासत में है। संगत से मेरी अपील है कि हर कीमत पर शांति और सद्भाव बनाए रखें। मैं पंजाब सरकार से अनुरोध करता हूं कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।’’
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