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Thursday, 5 March, 2026
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पंजाब सरकार ने बजट को किसान विरोधी बताया, हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने कहा दूरदर्शी

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चंडीगढ़, एक फरवरी (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा में विपक्षी दलों ने रविवार को केंद्रीय बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इसे “दूरदर्शी” और “जन-केंद्रित” बताया।

मान ने कहा कि बजट में ना तो किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कोई घोषणा की गई, ना ही उद्योग जगत या करों में कोई राहत दी गई है।

उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार का बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इस बजट में किसानों के लिए एमएसपी और युवाओं के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है।”

मान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। हमेशा की तरह, पंजाब और पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया। पंजाब के लोग मेहनती और उत्साही हैं। हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी कहा कि राज्य के किसानों के लिए कोई राहत नहीं है और बजट में राज्य के युवाओं के लिए कोई घोषणा नहीं की गयी।

बाजवा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “बजट 2026-27 इस बात की पुष्टि करता है कि पंजाब को पूरी तरह से भुला दिया गया है। ‘अन्नदाता’ किसानों के लिए कोई राहत नहीं, हमारे युवाओं के लिए रोजगार की कोई रूपरेखा नहीं, उद्योग या शहरों के लिए कोई योजना नहीं। बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदली, “सुधार” जो कभी होते ही नहीं।”

वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पंजाब प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने बजट को “दूरदर्शी, जनहितैषी और विकासोन्मुख” बताया।

कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि के लिए अधिक आवंटन, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का आश्वासन, ग्रामीण अवसंरचना और कृषि स्टार्टअप के लिए सहायता पंजाब के किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी।

भाजपा नेता ने रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र पर दिए गए जोर की भी सराहना की और कहा कि इससे युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए नई संभावनाएं बनेंगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया।

पड़ोसी राज्य हरियाणा में, सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने बजट का बचाव करते हुए इसे एक “दूरदर्शी” और “जनहितकारी” दस्तावेज बताया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ और अंत्योदय की भावना को दर्शाता है, जिससे किसानों, युवाओं, महिलाओं, लघु एवं मध्यम उद्यम को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 53.5 लाख करोड़ रुपये का कुल बजट आवंटन और 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय हरियाणा जैसे तेजी से विकास कर रहे राज्यों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाएगा।

कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि औषधि और आयुर्वेद क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे रोजगार बढ़ेगा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा।

विज ने कैंसर की दवाओं और उपचार उपकरणों पर कर में कटौती की भी सराहना की और आयुर्वेद के लिए एम्स स्तर की एक संस्थान की घोषणा का स्वागत किया।

हरियाणा में विपक्ष ने हालांकि बजट की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य और उसके किसानों को नजरअंदाज किया गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह बजट जमीनी हकीकतों से परे है और जनहित में नहीं है। राव ने कहा कि बजट आम आदमी, किसानों और ग्रामीण भारत की अनदेखी करता है। उन्होंने कहा कि इसमें महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के ऋण माफी या पानी और बिजली की कमी, विशेष रूप से हरियाणा में, के लिए कोई ठोस राहत प्रदान नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं में कटौती और देरी से ग्रामीण रोजगार कमजोर हो रहा है।

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी बजट पर निशाना साधा और ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बजट 2026 में हरियाणा का नामोनिशान नहीं है।”

उन्होंने कहा कि बजट में सिर्फ नाममात्र का जिक्र किया गया है। सुरजेवाला ने हरियाणा के हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी का जिक्र किया जिसके बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि यह देश भर के उन 15 पुरातात्विक स्थलों में से एक है जिन्हें जीवंत और सांस्कृतिक अनुभव वाले पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।

कांग्रेस के रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि हरियाणा ‘एक बार फिर केंद्रीय बजट से गायब है’।

दीपेंद्र ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पिछले 12 वर्षों की तरह, हरियाणा एक बार फिर केंद्रीय बजट में खाली हाथ रह गया है। भाजपा की केंद्र सरकार हरियाणा के साथ इतना अन्याय क्यों कर रही है? जबकि हरियाणा देश में सबसे अधिक जीएसटी और टोल टैक्स राजस्व संग्रह करता है, बजट में उसका हिस्सा शून्य है!”

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा की जनता को उम्मीद थी कि आज का केंद्रीय बजट उन्हें कुछ राहत देगा और राज्य की “वास्तविक समस्याओं” का समाधान करेगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सैलजा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हमेशा की तरह, भाजपा सरकार ने हरियाणा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। इस बजट में ना तो हरियाणा के किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान शामिल किए गए हैं, ना ही बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की कोई स्पष्ट योजना पेश की गई है।”

भाषा अमित प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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