चंडीगढ़/पटियाला, चार दिसंबर (भाषा) विपक्षी कांग्रेस, शिअद और भाजपा ने बृहस्पतिवार को पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर 14 दिसंबर को होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
विपक्षी दलों ने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के इशारे पर कुछ विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़े गए या छीन लिए गए।
बृहस्पतिवार को चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था। मतगणना 17 दिसंबर को होगी।
पटियाला के घनौर में, पूर्व कांग्रेस विधायक मदन लाल जलालपुर ने आरोप लगाया कि शंभू ब्लॉक से पार्टी के दो उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन केंद्र पर ‘आप’ समर्थकों ने कांग्रेस उम्मीदवार जोनी देवी का नामांकन पत्र छीन लिया और उसे फाड़ दिया।
कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया और दावा किया कि एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कांग्रेस की एक महिला उम्मीदवार का नामांकन पत्र छीन लिया और भाग गया।
उन्होंने इसे शर्मनाक बताया और पूछा, ‘‘क्या यही ईमानदार राजनीति है?’’
भाजपा की पंजाब इकाई ने भी ‘आप’ सरकार पर पुलिस तंत्र और प्रशासनिक अधिकारियों का ‘‘दुरुपयोग’’ करने का आरोप लगाया और दावा किया कि सत्तारूढ़ दल आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में हार के डर से इस तरह के हथकंडे अपना रहा है।
प्रदेश भाजपा महासचिव अनिल सरीन ने आरोप लगाया, ‘‘विपक्षी उम्मीदवारों पर नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने के लिए दबाव डाला जा रहा है। इतना ही नहीं, कई निर्वाचन क्षेत्रों में पुलिस विपक्षी उम्मीदवारों के घरों पर छापे मार रही है, उनके घरों के दरवाजे बंद कर रही है, परिवार के सदस्यों को हिरासत में ले रही है, उनके दस्तावेज फाड़ रही है और उनकी आवाजाही में बाधा डालने के लिए सड़कें अवरुद्ध कर रही है।’’
इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बृहस्पतिवार को पटियाला पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के इशारे पर जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने का आरोप लगाया।
बादल ने ‘एक्स’ पर एक ऑडियो क्लिप साझा की, जिसमें कथित तौर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा और अन्य अधिकारियों के बीच विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोकने के बारे में बात करते सुना जा सकता है।
हालांकि, पटियाला पुलिस ने आरोपों को खारिज किया है।
भाषा शफीक पवनेश
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