बेंगलुरु, 13 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री सुनील कुमार ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर पार्टी के सत्ता में आने पर हर घर को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे को लेकर शुक्रवार को निशाना साधा और दावा किया कि कांग्रेस का लक्ष्य बिजली आपूर्ति कंपनियों (ईएससीओएम) का निजीकरण करना है।
कुमार ने कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवकुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मुफ्त बिजली प्रदान की गई तो ईएससीओएम पर और बोझ पड़ेगा।
कुमार ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘एक महान वित्तीय विशेषज्ञ ने अब 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया है जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य के सभी ईएससीओएम को दिवालियेपन के कगार पर धकेल दिया। यह बयान जनहित में नहीं है। क्या आपको इसके पीछे की मंशा पता है?’’
उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया और डी के शिवकुमार का लक्ष्य ईएससीओएम का निजीकरण करना है। उन्होंने कहा, ‘‘मुफ्त बिजली से ईएससीओएम पर और बोझ पड़ेगा। इसके बाद योजना घाटे में चल रही ईएससीओएम का निजीकरण करने की है। यही इस घोषणा के पीछे साजिश है।’’
यह वादा बुधवार को किया गया था और कांग्रेस ने कहा कि मई में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोगों के लिए यह उसकी ‘पहली गारंटी’ होगी। इसके अलावा, पार्टी ने कहा, ‘गृह ज्योति योजना’ के तहत वादा पूरा किया जाएगा।
कुमार ने उस घटना को याद किया जब मुख्यमंत्री के रूप में सिद्धारमैया को कुछ समय के लिए बजट के कागजात अंधेरे में (मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में) पढ़ने पड़े थे, क्योंकि विधानसभा में बिजली कट गई थी। कुमार ने उस समय ली गई एक तस्वीर ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘यह तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि आपके समय में ऊर्जा विभाग कैसे काम करता था। आपने ईएससीओएम को घाटे में डाल दिया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि हमारी (भाजपा) सरकार के सत्ता में आने के बाद, हमने ईएससीओएम को 9,000 करोड़ रुपये देकर आपकी प्रशासनिक विफलता को सुधारा। वोट के लिए ऊर्जा विभाग को मत बेचिए।’’
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा राज्य में सत्ता में आने पर सभी परिवारों को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने संबंधी चुनावी वादे को ‘‘गैर-जिम्मेदाराना और तर्कहीन’’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि कांग्रेस की इस घोषणा से पता चलता है कि ‘‘वे चुनावी होड़ में कितने निम्न स्तर पर पहुंच गये हैं।’’
भाषा अमित नरेश
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