(तस्वीरों के साथ)
कलोल (गुजरात), 24 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं जिन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा और उनके लिए एक समर्पित संग्रहालय का निर्माण कर उन्हें ”सच्ची श्रद्धांजलि” दी। उन्होंने कांग्रेस पर पटेल के योगदान को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार सरोवर बांध के पास सरदार पटेल के सम्मान में निर्मित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ 182 मीटर की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2018 में किया था।
शाह ने कहा, “यदि आप गुजरात से बाहर नहीं जाते तो आपको सरदार पटेल द्वारा किए गए कार्यों के बारे में पता नहीं चलेगा। जब मैं गुजरात में था तो मुझे लगता था कि मैं उनके बारे में सबकुछ जानता हूं। लेकिन जब मैं राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी पदाधिकारी के रूप में (राज्य से) बाहर गया, तो मैं तब उनके द्वारा किए गए कार्य को पूरी तरह से समझ पाया।”
स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल को अपनी दृढ़ता से सैकड़ों रियासतों को भारत संघ में मिलाने का श्रेय जाता है।
शाह ने कहा, “जब हमें आजादी मिली, तो अंग्रेजों ने कहा कि 500 से अधिक रियासतों को भारत या पाकिस्तान में शामिल होने या स्वतंत्र रहने का अधिकार होगा। उन्होंने सोचा होगा कि भारत एक साथ नहीं आ पाएगा। लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि सरदार पटेल क्या हैं। उन्होंने डेढ़ साल में देश को एकजुट कर दिया।’’
शाह ने कहा कि जब उन्होंने हैदराबाद और जोधपुर जैसे स्थानों का दौरा किया, तो वहां के लोगों ने उन्हें बताया कि यह सरदार पटेल के कारण संभव हो पाया कि वे आज भारत में हैं।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने एक परिवार को बढ़ावा देने की कोशिश में सरदार पटेल के योगदान को नजरअंदाज कर दिया। जहां सरदार पटेल का अंतिम संस्कार किया गया वहां उनका कोई स्मारक नहीं बनाया गया। देश में पटेल का कोई संग्रहालय नहीं था और जो थे वे भी उचित नहीं थे।”
उन्होंने कहा, ‘यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं जिन्होंने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ और एक उचित संग्रहालय का निर्माण करके सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दी।’
शाह ने कहा कि मरते दम तक सरदार पटेल को इस बात की तकलीफ रही होगी कि जम्मू-कश्मीर को भारत में ठीक से एकीकृत नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 (जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था) को हटाकर वह काम पूरा कर दिया।’
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने का काम पूरा करा दिया है और अगले साल 22 जनवरी को इसका उद्घाटन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब श्री रामलला तंबू में थे तो कांग्रेस को कोई चिंता नहीं थी।
शाह ने कहा, “मंदिर को 400 साल पहले नष्ट कर दिया गया था लेकिन उन्हें (कांग्रेस) परवाह नहीं थी। राम मंदिर निर्माण के संघर्ष में अनेक लोगों की जान चली गई।’’
उन्होंने कहा कि मोदी ने मंदिर की आधारशिला रखी और 22 जनवरी को भगवान अपने मंदिर में होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 22 जनवरी के बाद अगले 80 दिन तक हर दिन अहमदाबाद से अयोध्या तक ट्रेन चलेंगी। उन्होंने कलोल के लोगों से रेलगाड़ियों का उपयोग करके अयोध्या मंदिर के दर्शन करने और मंदिर में पूजा-अर्चना करते समय ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने का अनुरोध किया।
इससे पहले, पानसर गांव में एक छोटी सभा को संबोधित करते हुए, जहां उन्होंने एक झील का उद्घाटन किया, शाह ने लोगों से 22 जनवरी को गांव के मंदिर में जाने और अयोध्या मंदिर का उद्घाटन होने पर जश्न मनाने का अनुरोध किया।
उन्होंने दावा किया कि अगले साल के आम चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी 2019 में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को मिली सीट (303 सीट) से अधिक सीट के साथ तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाएंगे।
दो दर्जन से अधिक दलों के विपक्षी गुट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘इस ‘इंडिया’ गठबंधन के लोग केवल मिलन समारोहों में अपनी तस्वीरें खिंचवाते रह जाएंगे, उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।’
शाह विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र गांधीनगर के एक दिवसीय दौरे पर हैं।
इससे पहले, अहमदाबाद में सड़क विक्रेताओं को आसान ऋण दिलाने में मदद करने वाली ‘पीएम स्वनिधि’ योजना के लाभार्थियों की एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश में गरीबों सहित 140 करोड़ लोगों को ‘आत्मनिर्भर’ बनाना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने समर्पण भाव से काम किया है।
भाषा
नेत्रपाल नरेश
नरेश
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