नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) वरिष्ठ राजनयिक प्रणय वर्मा को शुक्रवार को बेल्जियम और यूरोपीय संघ (ईयू) में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया। वह अभी बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत हैं।
वर्मा की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय संघ के नेतृत्व के साथ शिखर वार्ता के बाद महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के कुछ हफ्ते बाद की गई है।
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 1994 बैच के अधिकारी वर्मा ने 21 सितंबर 2022 को ढाका में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “वर्मा के जल्द कार्यभार संभालने की उम्मीद है।”
हालांकि, सरकार ने अभी ढाका में वर्मा की जगह किसी और की नियुक्ति की घोषणा नहीं की है। यह पद भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऐसी अटकलें हैं कि भारत संबंधों को फिर से मजबूत करने में मदद के लिए किसी राजनीतिक हस्ती को ढाका में नियुक्त कर सकता है, लेकिन यह पद किसे सौंपा जाएगा, फिलहाल इस सिलसिले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस नीत अंतरिम सरकार के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों में भारी गिरावट आ गई थी।
फरवरी में बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सरकार बनने के बाद वर्मा ने द्विपक्षीय रिश्तों को सुधारने के प्रयास शुरू करने में अहम भूमिका निभाई।
ढाका में भारतीय उच्चायुक्त नियुक्त किए जाने से पहले वर्मा वियतनाम में भारत के राजदूत थे। वह जून 2017 से जुलाई 2019 तक नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय मुख्यालय में पूर्वी एशिया प्रभाग के संयुक्त सचिव और अक्टूबर 2014 से जून 2017 तक मुंबई स्थित परमाणु ऊर्जा विभाग में विदेशी संबंधों के संयुक्त सचिव पद पर रहे।
वर्मा हांगकांग, सैन फ्रांसिस्को, बीजिंग, काठमांडू, वाशिंगटन और हनोई में भी अहम राजनयिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
भाषा पारुल अविनाश
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