तिरुवनंतपुरम, चार अप्रैल (भाषा) केरल में निर्वाचन आयोग ने नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में भाग लेने वाले सभी राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों को मतदान के दिन तथा उससे एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में किसी भी प्रकार का विज्ञापन तब तक प्रकाशित नहीं करने के निर्देश दिए जब तक उनकी सामग्री को एमसीएमसी समिति द्वारा पूर्व प्रमाणित न कर लिया जाए।
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रतन यू. केलकर द्वारा शुक्रवार देर रात जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि चुनाव के अंतिम चरण के दौरान प्रिंट मीडिया में प्रकाशित आपत्तिजनक, भ्रामक या भड़काऊ विज्ञापन पूरी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
इस आदेश में कहा गया है, ‘‘ऐसे नाजुक मोड़ पर प्रभावित पक्षों और उम्मीदवारों को अक्सर आवश्यक खंडन प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिलता है।’’
सीईओ ने आदेश में कहा है कि इसलिए संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत प्राप्त अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए निर्वाचन आयोग ने किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार, संगठन या व्यक्ति को राज्य या जिला स्तर पर मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) से पूर्व प्रमाणित किए बगैर आठ तथा नौ अप्रैल को प्रिंट मीडिया में कोई भी विज्ञापन प्रकाशित नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देश में कहा गया है कि आवेदकों को अपने प्रस्तावित विज्ञापन को उसकी प्रकाशन की तिथि से कम से कम दो दिन पहले राज्य या जिला एमसीएमसी को जमा करने होंगे।
भाषा यासिर रंजन
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