श्रीनगर, 12 मार्च (भाषा) कश्मीर के राजनीतिक दलों के नेताओं ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की बृहस्पतिवार को कड़ी निंदा करते हुए घटना की गहन जांच की मांग की है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब पर हुए गंभीर हमले के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं। यह जानकर राहत मिली कि वह सुरक्षित व ठीक हैं।’
उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस इस गंभीर सुरक्षा चूक की तह तक जाएगी।
अब्दुल्ला (88) बुधवार रात जम्मू के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश में एक शादी समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने पीछे से उन पर कथित तौर पर गोली चलाई, जिसमें वह बाल-बाल बच गए।
घटना के दौरान अब्दुल्ला के साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी भी मौजूद थे।
आरोपी की पहचान जम्मू के पुरानी मंडी निवासी कमल सिंह जामवाल (63) के रूप में हुई जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से अब्दुल्ला पर हमले के लिए मौका ढूंढ रहा था।
कश्मीर के प्रमुख मुस्लिम नेता मीरवाइज उमर फारूक ने भी घटना को लेकर अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट किया।
उन्होंने लिखा, ‘जम्मू में एक समारोह में डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब पर हुआ(जानलेवा) हमला चिंताजनक और निंदनीय है।
उन्होंने कहा, ‘यह जानकर राहत मिली कि वह सुरक्षित हैं। कोई व्यक्ति हथियार के साथ कैसे उनके (अबदुल्ला) इतना करीब आ गया और उन पर गोली चला दी, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।’
श्रीनगर से सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जम्मू में हुई इस निंदनीय घटना की कड़ी निंदा की है।
विभिन्न मुद्दों पर नेकां सरकार से असहमति रखने वाले मेहदी ने कहा कि हिंसा के ऐसे कृत्य अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
हंदवाड़ा विधानसभा सीट से विधायक और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने भी घटना की निंदा की है।
लोन ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट किया, ‘डॉ. फारूक साहब, सुरिंदर चौधरी और नासिर असलम साहब पर कायरतापूर्ण गोलीबारी की निंदा करता हूं। अल्लाह का शुक्र है कि वे सुरक्षित हैं।’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एम वाई तारिगामी ने कहा, ‘फारूक अब्दुल्ला साहब पर हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा करता हूं। सौभाग्य से, वह सुरक्षित बच गए। इस घटना की गहन जांच होनी चाहिए।’
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प्रचेता नरेश
नरेश
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