पटना, 15 मार्च (भाषा) बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव की पूर्व संध्या पर रविवार को जोरदार राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। इस चुनाव में सत्तारूढ़ राजग को जहां एकतरफा जीत मिलने की उम्मीद है, वहीं, राजद ने अपने एकमात्र उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन जुटाया।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार को चुनाव होगा।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) खेमे ने अपने विधायकों की कई बैठकें कीं। संसदीय कार्य मंत्री और जदयू नेता विजय कुमार चौधरी के आवास पर कम से कम दो ऐसी बैठकें की गईं। इन बैठकों में से एक में जदयू प्रमुख एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित थे।
राज्यसभा चुनाव में नीतीश ही संभवतः ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके सबसे अधिक सुर्खियां बटोरने की उम्मीद है।
उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता सम्राट चौधरी के आवास पर एक और बैठक आयोजित की गई, जहां राजग विधायकों ने कथित तौर पर मतदान में इस्तेमाल होने वाले मतपत्रों की प्रतिकृतियों की मदद से वोट डालने का अभ्यास किया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) के विधायक और पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजू तिवारी ने विजय कुमार चौधरी के आवास पर बैठक से पहले मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘राजग के सभी पांचों उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे। राजग के तीन घटक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष – जदयू के नीतीश कुमार, भाजपा के नितिन नबीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा – चुनाव मैदान में हैं। विपक्षी नेता जो भी दावा कर रहे हैं, हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’’
राजग के अन्य दो उम्मीदवारों में ‘हैट्रिक’ की उम्मीद लगा रहे जदयू से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा के प्रदेश महासचिव एवं पूर्व विधायक शिवेश कुमार हैं।
लोजपा (रामविलास) से संबंधित मंत्री संजय कुमार पासवान ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बेशक, हममें से कई लोग पहली बार विधायक बने हैं। उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता है। राजद के विपरीत, जो अपने विधायकों को एकजुट रखने में असमर्थ है और जिसने अपने सभी विधायकों को शहर के एक होटल में बंद कर रखा है, हमें राजग के सभी पांच उम्मीदवारों की जीत का पूरा भरोसा है।’’
जदयू के विधान पार्षद और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, ‘‘राजद विधायकों के परिजनों को संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए कि विधायक लापता हो गए हैं। चुनाव समाप्त होने के बाद, राज्य सरकार इस बात की भी जांच करेगी कि उस आलीशान होटल का बिल किसने चुकाया।’’
हालांकि, राजद विधायक गौतम कृष्ण ने होटल से बाहर निकलते हुए पत्रकारों से कहा, ‘‘आप देख सकते हैं कि अंदर किसी को भी बंद नहीं किया गया है। हम कल की रणनीति पर चर्चा करने के लिए होटल में एकत्रित हुए हैं, और सभी विधायकों को अपनी इच्छानुसार आने-जाने की स्वतंत्रता दी गई है।’’
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पास केवल 25 विधायक हैं। महागठबंधन के सहयोगियों के अलावा, जिनके पास दस अतिरिक्त वोट हैं, पार्टी को अमरेंद्र धारी सिंह की जीत के लिए कम से कम छह और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है, जो लगातार दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं।
राजद को ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन’ (एआईएमआईएम) के समर्थन को लेकर काफी भरोसा है, जिसके पांच विधायक हैं। राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दोनों दलों के बीच हालिया कटुता के मद्देनजर सद्भावना के तौर पर रविवार को एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान के आवास का दौरा किया।
तेजस्वी से मुलाकात के बाद इमान ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पार्टी ने कल होने वाले राज्यसभा चुनाव में राजद नेता अमरेंद्र धारी सिंह का समर्थन करने का फैसला किया है। हम सभी (पांचों विधायक) कल सिंह की जीत सुनिश्चित करने के लिए उनके पक्ष में मतदान करेंगे।’’
इमान के आवास का दौरा करने के बाद तेजस्वी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘सभी धर्मनिरपेक्ष दल एकजुट हैं और हमारे विधायक राजद उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे।’’
भाषा नेत्रपाल नरेश
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