scorecardresearch
Tuesday, 3 February, 2026
होमदेशविवादास्पद पुस्तक की लेखिका को मप्र और महाराष्ट्र में ढूंढ रही पुलिस, उच्च शिक्षा विभाग को जांच रिपोर्ट का इंतजार

विवादास्पद पुस्तक की लेखिका को मप्र और महाराष्ट्र में ढूंढ रही पुलिस, उच्च शिक्षा विभाग को जांच रिपोर्ट का इंतजार

Text Size:

इंदौर (मध्यप्रदेश), सात दिसंबर (भाषा) इंदौर के शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय के पुस्तकालय में डॉ. फरहत खान की विवादित पुस्तक ‘‘सामूहिक हिंसा एवं दांडिक न्याय पद्धति’’ रखे जाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस इस लेखिका को तलाश कर रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक दल को पड़ोसी सूबे महाराष्ट्र भी भेजा गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अलग-अलग दलों के जरिये खान की मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही खान को गिरफ्तार कर लेंगे।’’

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि विवादास्पद पुस्तक ‘‘सामूहिक हिंसा एवं दांडिक न्याय पद्धति’’ की लेखिका के बारे में उन्हें पता चला है कि वह किडनी के एक गंभीर रोग से पीड़ित हैं और उन्हें अस्पताल में नियमित डायलिसिस कराना होता है।

गौरतलब है कि इस पुस्तक को लेकर शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय के एलएलएम पाठ्यक्रम के छात्र और एबीवीपी नेता लकी आदिवाल (28) ने लेखिका खान और इसके इंदौर स्थित प्रकाशक अमर लॉ पब्लिकेशन के साथ ही संस्थान के प्राचार्य डॉ. इनामुर्रहमान और प्राध्यापक मिर्जा मोजिज बेग के खिलाफ तीन दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का आरोप है कि कानून के विद्यार्थियों को पढ़ाई जा रही इस किताब में हिंदू समुदाय और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं जिनसे धार्मिक कट्टरता को बल मिलता है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने आरोपों की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति के एक सदस्य ने बताया कि महाविद्यालय के करीब 250 विद्यार्थियों और शिक्षकों के बयान मंगलवार को दर्ज किए जा चुके हैं।

उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने बताया कि समिति ने अब तक महकमे को अपनी जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में उचित कदम उठाया जाएगा।

मामले के चार आरोपियों में शामिल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. इनामुर्रहमान और प्राध्यापक मिर्जा मोजिज बेग को अग्रिम जमानत देने से सत्र न्यायालय ने मंगलवार को इनकार कर दिया था।

प्राचार्य और प्राध्यापक के वकील अभिनव धनोतकर ने बताया कि उनके पक्षकारों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के इस आदेश को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में चुनौती दी जाएगी।

भाषा हर्ष अर्पणा

अर्पणा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments