दिल्ली के जामा मस्जिद पर भारतीय झंडे वाला मास्क पहने बच्चा | सूरज सिंह बिष्ट | दिप्रिंट
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके को यादगार बनाने के अपनी सरकार के प्रयासों के तहत आगामी 12 मार्च को गुजरात से ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम शुरू करेंगे. यह तिथि 15 अगस्त 2022 को 75वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक 75 सप्ताह पहले है.

25 दिवसीय यह महोत्सव 12 मार्च से 5 अप्रैल तक चलेगा, जो कि 1930 में महात्मा गांधी की अगुवाई वाले सविनय अवज्ञा आंदोलन दांडी मार्च की शुरुआत और समापन से संबंधित तारीखें हैं.

इस यादगार समारोह से संबंधित पूरी योजना की जानकारी बुधवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की तरफ से सभी राज्य सरकारों और संबंधित केंद्रीय सरकारी विभागों को एक निर्देश के माध्यम से भेजी गई है, जिसकी एक कॉपी दिप्रिंट ने हासिल की है.

अन्य कार्यक्रमों के अलावा केंद्र और राज्य सरकारें स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन पर प्रदर्शनियों का आयोजन करेंगी. उक्त निर्देशिका में गांधीजी, सरदार वल्लभभाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम तो शामिल किया गया है लेकिन सबसे उल्लेखनीय बात है कि इसमें भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम नहीं है.

निर्देश में बताया गया है कि राज्य सरकारों की तरफ से प्रदर्शनियों का आयोजन बीओसी (केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत मीडिया इकाई ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन) के साथ समन्वय के आधार पर किया जाएगा—(ए) विभिन्न जगहों पर महात्मा गांधी, सरदार पटेल और नेताजी पर प्रदर्शनियां बीओसी की तरफ से लगाई जाएंगी और (बी) स्वतंत्रता सेनानियों और अनजाने नायकों पर प्रदर्शनियां राज्य सरकारों की तरफ से आयोजित की जाएंगी.

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तिथियां ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण

उत्सव के उद्घाटन और समापन दोनों की तिथियां ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं. 12 मार्च दांडी मार्च के शुरू होने की सालगिरह है, जो भारत की आजादी की लड़ाई की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है. यह मार्च 25 दिन तक चलने के बाद 5 अप्रैल को खत्म हुआ था.

सरकार ने 12 मार्च से 5 अप्रैल के बीच जिन कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी की है, उनमें यूथ क्लब, साइकिल रैली और निबंध प्रतियोगिताओं की लंबी सूची शामिल है.

देशभर में आजादी की लड़ाई से जुड़े रहे ऐतिहासिक महत्व के 75 स्थानों को 12 मार्च के उद्घाटन समारोह के लिए चुना जाएगा. हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में दो से तीन ऐसी जगहें वहां की सरकारों की तरफ से चुनी जाएंगी.

इन जगहों पर मुख्य समारोहों का आयोजन युवा मामलों के विभाग की तरफ से युवा क्लबों, नेहरू युवा केंद्रों और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के स्वयंसेवकों की भागीदारी के साथ कराया जाएगा.

विभाग को इस मौके पर देशभर में साइकिल रैलियां आयोजित करने का जिम्मा भी सौंपा गया है. समारोह के अन्य तमाम पहलुओं को लेकर केंद्र सरकार में विभिन्न मंत्रालयों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के साथ मिलकर स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग 12 मार्च को देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक घंटे की अवधि वाले सम्मेलनों, सेमिनार या संगोष्ठियों का आयोजन करेगा. इसका विषय होगा भारत का स्वतंत्रता संग्राम.

इसी विषय पर तहसील, जिला और राज्य स्तर पर स्कूलों में एक निबंध प्रतियोगिता आयोजित होगी. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, इसी तर्ज पर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निबंध लेखन प्रतियोगिताएं यूजीसी या अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की निगरानी में कराई जाएंगी.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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