टिकटोक लोगो/ शीहो फुकाडा/ब्लूमबर्ग
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नई दिल्ली: टिकटॉक के चीनी संस्करण डॉयिन पर संपत्ति का प्रदर्शन करने वाले विडियो बनाना अब मना है क्योंकि यह ‘अस्वस्थ मूल्यों’ को बढ़ावा देता है. पिछले हफ्ते जारी किए गए एक नोटिस में डॉयिन ने कहा कि छह प्रकार की सामग्री, जिसमें ‘संपत्ति का प्रदर्शन’ शामिल है, अब प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित है.

साल की शुरुआत से कथित तौर पर एप ने 2,800 से अधिक वीडियो डिलीट किये हैं और 4,000 एकाउंट्स को बैन कर दिया है. मसलन प्रतिबंधित वीडियो में से एक में आईफोन, नकदी और लग्जरी वस्तुओं को दिखाया जा रहा था, वहीं एक अन्य वीडियो में एक यूजर को पैसे फेंकते हुए दिखाया गया. दोनों वीडियो हटा दिए गए और संबंधित एकाउंट्स पर बैन लगा दिया गया.

बाइटडांस स्वामित्व वाली एप द्वारा पहचानी गई छह अन्य श्रेणियों में धन-पूजा को बढ़ावा देना, लग्जरी उत्पादों से संबंधित वीडियो में नाबालिगों का उपयोग करना, किसी की सामाजिक स्थिति अथवा गरीबी का मजाक उड़ाना आदि शामिल है.

बाइटडांस, एक चीनी इंटरनेट प्रौद्योगिकी कंपनी टिकटॉक का मालिक भी है जो 266 चीनी एप के साथ भारत में प्रतिबंधित है.

एप के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया कि अपनी धन दौलत का प्रदर्शन करने वाला भड़काऊ वीडियो ‘सामाजिक माहौल को खराब करती है और नाबालिगों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए विशेष रूप से हानिकारक है’. यह भी कहा गया है कि ये कदम ‘तर्कसंगत खर्च’ और ‘सभ्य जीवन शैली’ को बढ़ावा देने के लिए था.

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गौरतलब है कि चीन ने हाल ही में घरेलू ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए और पिछले साल एक मुद्दे के रूप में धन संपत्ति के ऑनलाइन प्रदर्शन के बारे में चिंता जताई थी. इसी के साथ सरकार ने ऑनलाइन अधिक ‘सकारात्मक ऊर्जा‘ फैलाने के लिए कहा था क्योंकि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के गठन के 100 साल पूरे हो गए हैं.

धन दौलत का प्रदर्शन नयी बात नहीं

ऑनलाइन धन दौलत के दिखावे का चलन चीन में 2000 के दशक से है, उस समय जब लोगों ने ब्लॉगिंग शुरू की. इसके लिए कई चीनी हस्तियों की आलोचना भी की गई है. चीनी अरबपति वांग जियानलिन के बेटे वांग सिसॉन्ग ने 2016 में बैकलैश का सामना किया जब उन्होंने अपने कुत्ते के लिए खरीदे आठ आईफोन की तस्वीरें साझा कीं.

कुछ सरकारी प्रवक्ताओं ने यह भी सुझाव दिया है कि धन-दौलत का महिमामंडन करने वाले वीडियो और ऑडियो सामग्री देश के हालिया कानून के लिए जिम्मेदार हैं.

लंदन स्थित प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक के अनुसार, चीन ने अपने अति-धनी निवासियों की संख्या में 30 मिलियन डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी के साथ पिछले साल 16 प्रतिशत की वृद्धि देखी.

पिछले चार दशकों में चीन की तीव्र आर्थिक वृद्धि ने देश के जीवन स्तर को ऊपर उठाया है लेकिन इसी के साथ असमानता की खाई और भी गहरी हुई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चीन के असमानता के पैमाने (0 से 10 के बीच) में पिछले एक दशक में गिरावट देखी गई थी लेकिन यह वर्षों से 0.4 के ऊपर बना हुआ है.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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