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राजकोट (गुजरात), 11 जनवरी (भाषा) भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वह (मोदी) शांति स्थापित करने के लिए अहम वैश्विक भूमिका निभा रहे हैं।
पोलिशचुक ने राजकोट में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे आप (प्रधानमंत्री मोदी) एक क्षेत्रीय नेता से राष्ट्रीय नेता बन गए हैं और अब मेरे देश सहित वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।’’
भारत में यूक्रेन के असाधारण और पूर्णाधिकार प्राप्त राजदूत का औपचारिक पदनाम धारण करने वाले पोलिशचुक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘ग्लोबल साउथ’ के उन कुछ नेताओं में से एक हैं जिन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच 2024 में कीव की यात्रा की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि यूक्रेन में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति की प्राप्ति से भारत और यूक्रेन के बीच संबंधों को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।’’
राजदूत ने कहा, ‘‘इस संबंध में, हम उम्मीद करते हैं कि शांति बहाल करने के लिए भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों और लक्ष्यों के प्रति निरंतर समर्थन से दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग और विकास की एक स्थिर नींव तैयार होगी।’’
उन्होंने कहा कि 2023 से यूक्रेन इस वैश्विक मंच का भागीदार देश रहा है।
यूक्रेन के राजदूत ने कहा, ‘‘हम इसे न केवल विश्वास के रूप में देखते हैं, बल्कि हमारे देशों के बीच आर्थिक सहयोग विकसित करने के एक रणनीतिक अवसर के रूप में भी देखते हैं।’’
पोलिशचुक ने कहा कि यूक्रेन की कंपनियां और उद्योग, उद्योग, शिक्षा, कृषि, इंजीनियरिंग, आईटी, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से संवाद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच सूरजमुखी तेल, अनाज और औषधियों जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सफल सहयोग रहा है।
पोलिशचुक ने कहा, ‘‘हम भारतीय कंपनियों को इस वर्ष आयोजित होने वाले अगले ‘यूक्रेन रिकवरी’ सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं। हम ‘मेक इन इंडिया’ के ढांचे के भीतर रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक और तकनीकी सहयोग के विस्तार की संभावना भी देखते हैं।’’
पोलिशचुक ने इस कार्यक्रम से इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘हम युद्ध के बाद यूक्रेन के पुनर्निर्माण और नवीनीकरण में भारतीय व्यवसायों की भागीदारी की उम्मीद कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने की मंशा के साथ रणनीतिक साझेदारी हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
भारत में रवांडा की उच्चायुक्त जैकलीन मुकांगीरा ने भी इस कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि रवांडा और भारत के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध हैं।
मुकांगीरा ने बताया कि भारत, रवांडा में दूसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक और दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। उन्होंने भारतीय व्यापार जगत का नेतृत्व करने वाले उद्योगपतियों से रवांडा में निवेश करने के लिए भी आमंत्रित किया।
मुकांगीरा ने कहा कि रवांडा विनिर्माण, अवसंरचना, रियल एस्टेट, कृषि, खनन, कृषि-प्रसंस्करण, साइबर सुरक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अधिक भारतीय निवेशकों का स्वागत करने के लिए तैयार है।
भाषा धीरज सुरेश
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