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गुवाहाटी, 13 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधानसभा चुनावों से पहले शुक्रवार को असम के अपने दो दिवसीय दौरे के पहले चरण में 24,250 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की।
उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए उस पर मूल लोगों की जमीन घुसपैठियों को सौंपकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया।
मोदी ने कहा कि राज्य ‘डबल इंजन’ सरकार के तहत शांति और विकास का एक नया अध्याय लिख रहा है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार चाय बागान समुदाय को उनके घरों के लिए भूमि अधिकार प्रदान करके उनके प्रति हुए ‘ऐतिहासिक अन्याय’ को समाप्त कर रही है।
चाय विक्रेता के रूप में अपने पेशे के दिनों को याद करते हुए, मोदी ने कांग्रेस पर दशकों तक चाय बागान श्रमिकों को भूमि अधिकार से वंचित करके उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने कोकराझार में 4,570 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं का अनावरण किया और बाद में गुवाहाटी में 19,680 करोड़ रुपये की विकास पहल की शुरुआत की।
दिन के पहले कार्यक्रम में, बारिश के कारण यात्रा में बाधा आने के बाद मोदी ने गुवाहाटी से डिजिटल माध्यम से कोकराझार जिले में एक जनसभा को संबोधित किया।
मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर में बमों और गोलीबारी की आवाज अब बीते दिनों की बात हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित की, जबकि कांग्रेस ने ‘‘स्वार्थ केंद्रित राजनीतिक हितों’’ के लिए विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने स्वदेशी लोगों की जमीन घुसपैठियों को सौंपकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा घुसपैठियों के साथ मिलीभगत करती रही है और उसने राज्य की मूल आबादी को कभी कानूनी रूप से भूमि अधिकार नहीं दिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासी भूमि घुसपैठियों को सौंप दी, और धुबरी तथा गोलपारा जैसे जिलों में स्थिति गंभीर थी, जिससे कोकराझार की जनसांख्यिकी प्रभावित हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे खुशी है कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा अतिक्रमण मुक्त भूमि के लिए एक बड़ा अभियान चला रहे हैं और भाजपा सरकार ने आदिवासी लोगों को उनके अधिकार सौंप दिए हैं। मैं इस संबंध में सहयोग देने के लिए आदिवासी समुदायों के लोगों का भी आभारी हूं।’’
मोदी ने कहा कि कोकराझार दशकों से कांग्रेस के विश्वासघात का साक्षी रहा है, क्योंकि विपक्षी कांग्रेस ने झूठे वादे किए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने दिखावे और स्वार्थी हितों के लिए शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए, लेकिन भाजपा ने स्थायी शांति के लिए काम किया और बोडोलैंड का विकास सुनिश्चित किया।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि बोडोलैंड की पहाड़ियां दशकों तक बंदूकों और बम धमाकों की आवाजों से गूंजती रहीं, लेकिन ‘‘अब वे दिन बीत चुके हैं, और यह शांति एवं विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है’’।
उन्होंने कहा, ‘‘इन वर्षों में लोगों ने बहुत कष्ट झेला है और बहुत कुछ खोया है… हमने वे कठिन दिन देखे हैं, लेकिन अब ‘खाम’ (ढोल) की थाप और ‘सिफोंग’ (बांसुरी) की मधुर आवाज सुनाई देती है।’’
राहुल गांधी के नारे ‘मोहब्बत की दुकान’ का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस ‘झूठे वादों की दुकान’ है, और एक झूठ के साथ यह चार और ‘बड़े झूठ’ उपहार में देती है, क्योंकि उनका कोई भी वादा पूरा करने का इरादा नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत “डबल इंजन” सरकार का मॉडल जनता के सामने है और किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आगामी चुनावों में कांग्रेस को दंडित करें और यह स्पष्ट संदेश दें कि इस देश में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।”
उन्होंने कहा, ‘‘आज के कार्यक्रम में ही 4,750 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की गई है, जिसमें से 1100 करोड़ रुपये से अधिक बोडोलैंड में सड़क अवसंरचना के विकास पर खर्च किए जाएंगे, जिससे राज्य में सड़क संपर्क और मजबूत होगा।’’
प्रधानमंत्री ने तीन नयी ट्रेन- कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस और नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मोदी ने कहा कि ये ट्रेन न केवल लोगों के लिए सुविधाजनक होंगी बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी।
गुवाहाटी में दूसरे कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्रों पर केंद्रित 19,680 करोड़ रुपये की परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं और आधारशिला रखी।
उन्होंने देश भर के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के लिए पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त भी जारी की।
मोदी ने चाय बागान श्रमिकों को भूमि अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू की, जिसके पहले चरण में 28,241 परिवारों को भूमि अधिकार प्राप्त हुए। प्रधानमंत्री ने समारोह में तीन परिवारों को पट्टे सौंपे।
उन्होंने कहा, ‘‘दरअसल, मैं सभी चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे देकर अपना ऋण चुका रहा हूं। मैं इस मुकाम तक चाय बेचकर ही पहुंचा हूं, जो आपके द्वारा उगायी गयी और भेजी गई थी। मुझे आपका आशीर्वाद प्राप्त है।’’
उन्होंने कहा कि चाय बागान के श्रमिकों ने असम और भारत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार ने कभी उनकी सुध तक नहीं ली।
मोदी ने कहा, ‘‘हमने अपने किसानों को कोविड-19 और युद्ध जैसी वैश्विक घटनाओं से सुरक्षित रखा है। हमने किसान भाइयों को राहत देने के लिए उर्वरक सब्सिडी के रूप में 12 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।’’
प्रधानमंत्री ने बिना विवरण दिये कहा कि कांग्रेस ‘पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की स्थिति के बीच भी’ गलत सूचना फैला रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने धीरे-धीरे इसे बदल दिया।
भाषा आशीष प्रशांत
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