कोच्चि, 19 दिसंबर (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा आहूत हड़ताल के दौरान राज्य में सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान के संबंध में वसूली की कार्यवाही में देरी पर सोमवार को नाराजगी जताई और राज्य सरकार को जनवरी तक इसे पूरा करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति जयशंकरन नांबियार के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने कहा कि संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले को छोटा मामला नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने राज्य के गृह सचिव को 23 दिसंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।
इस बीच, राज्य सरकार ने वसूली की कार्यवाही के लिए कम से कम छह महीने का समय मांगा, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
सरकार ने सात नवंबर को अदालत को बताया था कि सितंबर में राज्यव्यापी हड़ताल के दौरान संपत्ति को 86 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सरकार ने यह भी कहा था कि हिंसा के दौरान निजी व्यक्तियों को 16 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। इसने यह भी कहा था कि हिंसक हड़ताल का आह्वान करने वालों से नुकसान की भरपाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राज्य सरकार ने कहा था कि इसने पूर्व जिला न्यायाधीश पी डी शर्गाधरन को दावा आयुक्त (क्लेम कमिश्नर) नियुक्त किया है।
इसने कहा था कि राज्य पुलिस ने अब तक कुल 361 मामले दर्ज किए हैं और 2,674 लोगों को गिरफ्तार किया है।
भाषा नेत्रपाल सुरेश
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