कोलकाता, 23 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में अवैध भर्ती के मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी ने उनकी साख पर सवाल उठाने को लेकर बृहस्पतिवार को विपक्ष पर निशाना साधा और दावा किया कि विपक्षी नेताओं ने भी स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की सिफारिश की थी।
चटर्जी ने इसपर जोर दिया कि उन्होंने विपक्षी नेताओं की ऐसी सिफारिशों को ठुकराया भी है।
हालांकि, विपक्षी दलों – भारतीय जनता पार्टी और माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) ने चटर्जी के दावों को आधारहीन और राजनीति से प्रेरित बताया।
एसएसी घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल जुलाई में चटर्जी को गिरफ्तार किया था। फिलहाल, वह इसी मामले में सीबीआई की हिरासत में हैं।
भाजपा और माकपा पर निशाना साधते हुए चटर्जी ने कहा, ‘‘आज जो लोग मुझे उपदेश दे रहे हैं उन्हें पहले अपनी साख देखनी चाहिए’’
पूर्व मंत्री ने अलीपुर अदालत में प्रवेश से पहले पत्रकारों से बातचीत में दावा किया, ‘‘सुजान चक्रवर्ती (माकपा), शुभेंदु अधिकारी और दिलीप घोष (दोनों भाजपा) मेरे पास आए थे और कुछ नामों की सिफारिश की थी। लेकिन मैंने इंकार कर दिया। मैंने उनसे कहा कि मैं ऐसे अनैतिक अनुरोध स्वीकार नहीं कर सकता।’’
चटर्जी को आज अलीपुर अदालत में पेश किया गया।
चटर्जी ने कहा, ‘‘मैं भर्ती का प्रभारी नहीं था। कृपया 2012 के रिकॉर्ड देखें… जिनके दामन पर दाग हैं, वे मुझे भी दागदार करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने चटर्जी का बयान आने से करीब आधा घंटा पहले ट्वीट करके आश्चर्य जताया था कि क्या दोनों विपक्षी दलों के नेताओं ने उनसे (चटर्जी) सिफारिश की थी और केन्द्रीय एजेंसियों को इस पहलू से भी जांच करनी चाहिए।
उनकी टिप्पणी के बाद घोष ने कहा कि चूंकि यह आरोप राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री ने लगाए हैं, इनकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने इसपर जोर दिया, ‘‘जब पूर्व शिक्षा मंत्री नाम ले रहे हैं, ऐसे में जांच एजेंसियों को इसपर ध्यान देना चाहिए।’’
हालांकि, भाजपा और माकपा दोनों ने इन आरोपों को ‘निराधार’ और ध्यान भटकाने का हताशा भरा प्रयास बताया है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोष ने कहा, ‘‘आरोप निराधार हैं। 2012 में तो मैं राजनीति में भी नहीं था। मैं 2014 में राजनीति में आया। संभवत: पार्थ चटर्जी इतने महीनों से जेल में बंद हैं इसलिए उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है और वह दूसरों पर दोष थोपना चाहते हैं।’’
वहीं, माकपा की केन्द्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘आरोप आधारहीन हैं और दूसरों की छवि खराब करने का हताशा भरा प्रयास हैं। उन्होंने इतने समय तक यह सूचनाएं साझा क्यों नहीं कीं? यह साबित करता है कि तृणमूल कांग्रेस अब असल मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए इन हथकंडों का उपयोग कर रही है। उन्हें आरोप साबित करने दें।’’
भाषा अर्पणा शफीक
शफीक
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