जयपुर, 10 मार्च (भाषा) राजस्थान विधानसभा में बृहस्पतिवार को विपक्षी विधायकों के भारी हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने सदन में बुधवार रात को पुलिस विभाग की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान दिये गये अपने बयान पर माफी मांगी और कहा कि ‘‘उनकी जुबान फिसल’’ गई थी।
राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे जैसे ही शुरू हुई प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि मंत्री का बयान बेहद आपत्तिजनक है और जनता का अपमान है।
विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने उनसे प्रश्नकाल में एक मामला नहीं उठाने को कहा, लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा।
कटारिया ने कहा कि धारीवाल का बयान देश के लिये लड़ने वालों का अपमान है।
उन्होंने कहा कि ‘‘ यह महिलाओं, जनता और बहादुर पुरूषों का अपमान है। ’’
हंगामे के बीच धारीवाल ने कहा कि पुलिस विभाग की अनुदान मांगों के लिये बहस के जवाब के दौरान उनके मुंह से कुछ अपशब्द निकले और जैसे ही उन्हें इस बात का अहसास हुआ उन्होंने पीठासीन अधिकारी से शब्दों को हटाने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा, ‘‘बहस का जवाब देते समय मेरी जुबान फिसल गई थी इसके लिये मैं खेद प्रकट करता हूं।मैं मरू प्रदेश के लिये कुछ कहना चाहता था। मैं व्यक्तिगत रूप से महिलाओं का सम्मान करता हूं और आगे भी करता रहूंगा। अगर मेरी टिप्पणियों से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं।’’
इस दौरान विपक्षी भाजपा के सदस्य सदन में प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने धारीवाल के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की।
भाषा कुंज
शोभना
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