नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली के पालम अग्निकांड मामले में दमकल कर्मियों द्वारा प्रतिक्रिया में लगे समय, अग्निशमन वाहनों की तकनीकी खामियों और इमारत में ज्वलनशील सामग्री के भंडारण को केंद्र में रखकर जांच की जा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जानकारी के मुताबिक, चार मंजिला आवासीय इमारत में बुधवार को आग लगने से एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेश पर मजिस्ट्रेट जांच में घटना के बारे में सूचित किए जाने के समय और दमकल विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में जांच की जा रही है।
मामले की प्रारंभिक जांच में इमारत के भूतल पर बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि, सटीक कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
सूत्रों के अनुसार, इमारत के बेसमेंट, भूतल और पहली मंजिल का उपयोग कपड़े और सौंदर्य प्रसाधनों के भंडारण के लिए किया जा रहा था, जबकि परिवार ऊपरी मंजिलों पर रहता था। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैली और मौके पर पहुंचे तीन दमकल वाहनों में से दो में पानी का दबाव कम होने से अभियान में देरी हुई।
भाषा प्रचेता सुरभि
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