शिमला, 20 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में 1,098 सरकारी भवन खाली पड़े हैं और उनका कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने यह जानकारी विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी।
सुक्खू ने कहा कि राज्य गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है, इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च कर ऐसे भवनों का निर्माण किया गया, जिनका कोई उपयोग नहीं हो रहा और वे खाली पड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती जयराम ठाकुर नीत भाजपा सरकार पर कार्यकाल के अंतिम समय में फिजूलखर्ची करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से करीब 1,000 भवन बनवाए, जो अब खाली पड़े हैं।
इन भवनों में विभिन्न सरकारी विभागों, निगम, बोर्ड के साथ-साथ स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों के भवन भी शामिल हैं, जिनके निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि ऐसे भवनों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि इस संबंध में अभी और जानकारी एकत्र की जा रही है।
इस पर सिंह ने सुझाव दिया कि इन भवनों की पहचान कर उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे जनहित में काम आ सकें और सरकार को अतिरिक्त राजस्व भी मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे निर्माण को मंजूरी देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की फिजूलखर्ची रोकी जा सके।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि जलविद्युत उत्पादन कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे जल उपलब्धता, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले व्यवधान और गाद जमा होने की समस्या। इसलिए किसी वित्तीय वर्ष के लिए ऊर्जा उत्पादन का निश्चित लक्ष्य तय करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा उत्पादन भी धूप पर निर्भर करता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच राज्य में कुल 11,92,375.7 लाख यूनिट ऊर्जा का उत्पादन हुआ, जिसमें जलविद्युत की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। राज्य की जलविद्युत क्षमता 22,950 मेगावाट है, जिसमें से वर्तमान में 13,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 188 जलविद्युत परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, जबकि 24 निर्माणाधीन हैं। पांच परियोजनाएं मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं, छह कानूनी विवादों में उलझी हैं और छह परियोजनाओं को अव्यवहार्य घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 में 188 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हुआ, जबकि 31 मार्च तक अतिरिक्त 209 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
भाषा
राखी माधव अविनाश
अविनाश
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