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Friday, 1 May, 2026
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सिक्किम में विपक्षी दलों ने नगर निकाय चुनावों के बहिष्कार का किया एलान

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गंगटोक, 27 मार्च (भाषा) सिक्किम की दो मुख्य विपक्षी पार्टियों – ‘सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट’ (एसडीएफ) और ‘सिटीजन ऐक्शन पार्टी’ (सीएपी) – ने सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) पर अलोकतांत्रिक माहौल बनाने का आरोप लगाया तथा 24 अप्रैल को होने वाले नगर निकाय चुनावों का बहिष्कार करने का एलान किया।

एसडीएफ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता कृष्णा खरेल ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव ‘‘असंवैधानिक’’ है और उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में सीट के असमान आरक्षण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि असमान सीट आरक्षण के कारण पार्टी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भाग नहीं ले रही है।

खरेल ने कहा कि चुनावों की औपचारिक घोषणा के साथ ही कई ‘‘गंभीर खामियां’’ सामने आई हैं और इसमें खासकर सीट आरक्षण के मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन खामियों की एसडीएफ पार्टी कड़ी निंदा करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि समग्र आरक्षण ढांचे की समीक्षा से पता चलता है कि सीट का आवंटन जनसंख्या के अनुपात में नहीं किया गया है।

खरेल ने कहा, “संविधान के अनुसार, आरक्षण जनसंख्या के अनुपात में होना चाहिए। इसके विपरीत, कई श्रेणियों में असमानताएं स्पष्ट हैं। उदाहरण के लिए, पिछली जनगणना के अनुसार, जनसंख्या के 25.64 प्रतिशत ओबीसी (केंद्रीय सूची) को आनुपातिक रूप से 17-18 सीट मिलनी चाहिए थीं; लेकिन, केवल आठ सीट आरक्षित की गई हैं। इसी तरह 21.89 प्रतिशत जनसंख्या हिस्सेदारी वाली ओबीसी (राज्य सूची) को लगभग 14 सीट मिलनी चाहिए थीं। इसके बजाय, उन्हें केवल 11 सीट आवंटित की गई हैं।”

खरेल ने दावा किया कि ये विसंगतियां स्पष्ट रूप से संकेत देती हैं कि आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए आरक्षण ढांचे को जनसंख्या के अनुपात के अनुसार तैयार नहीं किया गया है, जिससे समान प्रतिनिधित्व के संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन होता है

एसडीएफ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा कि आरक्षण तय करते समय विशिष्ट क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय संरचना पर विचार नहीं किया गया है। उदाहरण के लिए, ओबीसी (केंद्रीय सूची) समुदायों की अच्छी-खासी संख्या वाले क्षेत्रों में आरक्षण अन्य श्रेणियों को आवंटित किया गया है, जिससे ऐसे निर्णयों के आधार पर सवाल उठते हैं।

सीएपी ने बृहस्पतिवार को घोषणा थी की कि वह सिक्किम में आगामी शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनावों का बहिष्कार करेगी, जबकि सभी 63 वार्ड में ‘‘योग्य और सक्षम’’ स्वतंत्र उम्मीदवारों को समर्थन देगी।

गंगटोक में संवाददाता सम्मेलन में सीएपी के प्रवक्ता अल्बर्ट गुरुंग ने कहा कि यह निर्णय एसकेएम द्वारा पक्षपातपूर्ण तरीके से नगर निकाय चुनाव कराने के कदम के विरोध में लिया गया है। इस कदम को उन्होंने एसकेएम के 2019 के घोषणापत्र में किये गए वादे के साथ ‘विश्वासघात’ बताया।

भाषा यासिर दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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