तुमकुरु (कर्नाटक), छह सितंबर (भाषा) इंडिया-भारत नाम विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को कहा कि जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, भावनात्मक मुद्दे सामने लाए जा रहे हैं।
सिद्धरमैया ने तुमकुरु जिले के मधुगिरि में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि देश का संविधान 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था। तब से देश को ‘इंडिया’ के नाम से जाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने पूछा कि अब देश का नाम बदलने की क्या जरूरत है।
उन्होंने कहा, “संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है ‘वी द सिटिजंस ऑफ इंडिया’। भारत का नाम बदलने की कोई जरूरत नहीं है। चुनाव से पहले भावनात्मक मुद्दे सामने लाए जा रहे हैं।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से भेजे गए जी20 रात्रिभोज के निमंत्रण में उनका पद ‘प्रेजिडेंट ऑफ भारत’ लिखे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने मंगलवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार देश के नाम से ‘इंडिया’ हटाकर सिर्फ भारत को बनाये रखने की योजना बना रही है।
भाषा जोहेब माधव
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