भुवनेश्वर, 28 फरवरी (भाषा) आगामी राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच ओडिशा में कांग्रेस ने चौथी सीट को लेकर ‘‘खरीद-फरोख्त’’ की आशंका जताई है, जिस पर जीत के लिए न तो सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और न ही विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) के पास पर्याप्त संख्या बल है।
भाजपा दो सीटें जीतने की स्थिति में है, जबकि विपक्षी बीजद एक सीट हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। चौथी सीट के लिए दलों ने राजनीतिक दांव-पेच तेज कर दिए हैं।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरण दास ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, “राजनीति में खरीद-फरोख्त बंद होनी चाहिए। राज्यसभा चुनाव में किसी तरह की खरीद-फरोख्त नहीं होनी चाहिए।”
दास राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी आलाकमान से चर्चा के लिए नयी दिल्ली रवाना हो चुके हैं।
विस्तार से पूछे जाने पर दास ने कहा कि भाजपा राज्य में सत्ता में है और उसके नेता अक्सर दावा करते हैं कि पार्टी चार में से तीन सीटें जीतेगी।
उन्होंने आरोप लगाया, “सत्ता में होने के कारण भाजपा के लोग कुछ भी कर सकते हैं। वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।”
दास ने कहा कि राज्यसभा के गणित के अनुसार भाजपा दो और बीजद एक सीट जीत सकती है।
उन्होंने कहा, “चौथी सीट के लिए कांग्रेस समेत किसी भी दल के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, फिर भाजपा तीन सीट जीतने का दावा कैसे कर रही है? क्या यह बिना खरीद-फरोख्त के संभव है?”
उन्होंने कहा कि चौथी सीट के लिए न तो भाजपा और न ही बीजद के पास आवश्यक 30 प्रथम वरीयता मत हैं।
ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जिससे उसकी संख्या 82 होती है। यह संख्या तीन सांसद चुनने के लिए आवश्यक संख्या बल के आंकड़े से आठ कम है।
बीजद के दो विधायकों के निलंबन के बाद उसके पास 48 सदस्य हैं। एक सांसद के चुनाव के बाद उसके पास 18 प्रथम वरीयता मत बचेंगे, जबकि दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और मतों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और माकपा का एक सदस्य है।
दास ने प्रस्ताव रखा कि ओडिशा की राजनीति में कथित खरीद-फरोख्त रोकने के लिए बीजद और कांग्रेस को किसी प्रतिष्ठित निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए, जो राज्य के हितों के लिए आवाज उठा सके।
उन्होंने कहा, “मैं संभावित उम्मीदवारों के पांच नाम लेकर दिल्ली जा रहा हूं। इस संबंध में चर्चा के लिए मैंने बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक से समय भी मांगा है।”
जब उनसे पूछा गया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों से दूरी बनाए रखने की बात करने वाली बीजद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार का समर्थन कैसे कर सकती है, तो दास ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
उन्होंने कहा, “हम किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति को मैदान में उतार सकते हैं, जिसे बीजद समर्थन दे। खरीद-फरोख्त रोकने का यही एक तरीका है।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस जल्द ही अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
एक अन्य सवाल पर दास ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और राज्यसभा चुनाव में दलबदल का कोई प्रश्न ही नहीं है।
दो दिन पहले भाजपा के ओडिशा प्रभारी विजय पाल सिंह तोमर ने कहा था कि पार्टी राज्य से अधिकतम राज्यसभा सीटें जीतेगी।
इस बीच, बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने राज्यसभा चुनाव समेत विभिन्न मुद्दों पर पार्टी विधायकों के साथ बैठक की।
वरिष्ठ विधायक अरुण कुमार साहू ने कहा, “बीजद की राजनीतिक मामलों की समिति ने पार्टी अध्यक्ष को राज्यसभा चुनाव पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। सभी विधायक पटनायक के फैसले का पालन करेंगे।”
हालांकि, राज्यसभा चुनाव में बीजद के पास एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है लेकिन उसने छह सेट नामांकन पत्र लिए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि पार्टी एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। ऐसी अटकलें हैं कि नवीन को ओडिशा से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा कि पार्टी का संसदीय दल 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों और रणनीति पर जल्द निर्णय लेगा।
भाषा खारी गोला
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