भुवनेश्वर, 19 फरवरी (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने धान खरीद में कथित कुप्रबंधन को लेकर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों बीजद और कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने किसानों के लिए समस्याएं पैदा करने वाले लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए विधानसभा में यह बात कही। उस समय विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
उन्होंने कहा, “मुझे सूचना मिली है कि कई जगहों (मंडियों में) पर पिछली सरकार की व्यवस्था अब भी सक्रिय है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि वे इसे सुधारें या परिणाम भुगतें। इसे वे चेतावनी या सुझाव समझें, लेकिन सावधान रहें। हमारी सरकार किसानों को न्याय दिलाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि भाजपा ने राज्य के लिए एक दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उन्होंने राज्यपाल के भाषण को “दूरदर्शी, जन-केंद्रित, प्रगतिशील और सुधारवादी” बताया, जो ओडिशा के विकास के लिए रास्ता दिखाता है।
बीजद और उसके नेता नवीन पटनायक पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में उनका व्यवहार “निराशाजनक” था। माझी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसने राज्यपाल के अभिभाषण पर रचनात्मक चर्चा में शामिल होने के बजाय नारेबाजी की और सदन से बहिर्गमन किया।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के बहिर्गमन को ‘बेहद अफसोसजनक’ बताते हुए माझी ने कहा कि इस तरह की रणनीति से उसे जनता का समर्थन नहीं मिलेगा।
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार किसान हितैषी है और समृद्ध कृषक योजना के तहत किसानों को धान के लिए प्रति क्विंटल 3100 रुपये दिए जा रहे हैं, जो पिछली सरकार की 2900 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में 200 रुपये अधिक है।
भाषा अविनाश वैभव
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