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Tuesday, 28 April, 2026
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एनटीएजीआई के सदस्य कोविड बूस्टर खुराक के अंतराल को कम करके छह महीने करने पर सहमत

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(पायल बनर्जी)

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 टीकों की दूसरी और एहतियाती खुराक के बीच के अंतर को मौजूदा नौ से घटाकर छह महीने तक करने पर सहमति व्यक्त की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही स्वास्थ्य मंत्रालय को अनुशंसा की जाएगी।

एनटीएजीआई की स्थायी तकनीकी उप-समिति (एसटीएससी) की आज हुई बैठक में प्राथमिक टीकाकरण में लगाए गए कोविड रोधी टीके से अलग टीके की एहतियाती खुराक के तौर पर इस्तेमाल की व्यवहार्यता को लेकर वेल्लोर में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) द्वारा किए गए एक अध्ययन के निष्कर्षों की भी समीक्षा की।

समिति के सदस्यों ने एहतियाती खुराक के लिए टीकों के मिश्रण पर परिणामों में एकरूपता की कमी पाई और कहा कि इसके लिए अभी कोई सिफारिश नहीं की जा सकती है। सीएमसी का अध्ययन कोविशील्ड और कोवैक्सिन पर था।

बैठक में मंकीपॉक्स के खतरे और टीकाकरण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

सूत्रों में से एक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हालांकि, सदस्यों का मानना था कि अभी कड़ी निगरानी की जरूरत है। देश में अब तक मंकीपॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है।”

समिति ने 6-12 आयु वर्ग के लिए कोवैक्सीन और कॉर्बेवैक्स टीकों के आंकड़ों की भी समीक्षा की।

सूत्र ने कहा, “सदस्यों ने कहा कि बच्चों में कोविड के बोझ और मृत्यु दर के आंकड़े इतने मजबूत नहीं हैं कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों का टीकाकरण शुरू करने का कोई फैसला लिया जा सके।”

भारत के औषधि नियामक ने इस साल अप्रैल में बायोलॉजिकल ई के कोविड-19 टीके कॉर्बेवैक्स को पांच से 12 साल की उम्र के बच्चों के लिए और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन को छह से 12 साल के बच्चों के लिए आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण को मंजूरी दी थी।

ऐसी जानकारी है कि एसटीएससी के सदस्य एहतियाती खुराक से पहले गुर्दे के प्रतिरोपण के रोगियों के लिए एक अतिरिक्त तीसरी खुराक देने पर भी सहमत हो गए थे।

सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “आज की बैठक में, सदस्यों ने कोविड-19 टीकों की दूसरी और एहतियाती खुराक के बीच के अंतर को मौजूदा नौ महीने से कम करके छह महीने करने पर भी सहमति व्यक्त की।”

वर्तमान में, 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग, जिन्हें दूसरी खुराक लिए नौ महीने पूरे हो गए हैं, एहतियाती खुराक के लिए पात्र हैं।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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