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Thursday, 30 April, 2026
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एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अग्निपथ योजना के खिलाफ देहरादून में किया प्रदर्शन

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देहरादून, 18 जून (भाषा) केंद्र द्वारा सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए लाई गई नयी ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को देहरादून के व्यस्त घंटाघर इलाके में प्रदर्शन किया।

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने कार्यालय से घंटाघर तक मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला जलाकर सशस्त्र बलों में युवाओं की अल्पकाल भर्ती की नयी योजना का विरोध किया।

एनएसयूआई के राज्य प्रमुख मोहन भंड़ारी ने अग्निपथ योजना को ‘‘चार साल का झुनझुना’’ करार दिया और दावा किया कि यह देश के युवाओं को बर्बाद कर देगा।

कांग्रेस के (देहरादून) नगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा और खटीमा से पार्टी विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की।

कापड़ी ने कहा, ‘‘इस योजना को लेकर युवाओं में नाराजगी है, यह (योजना) उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ की कोशिश है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘वे सशस्त्र बलों से करीब 20 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होने के बाद क्या करेंगे?’’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण महारा ने भी योजना को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह चार साल के बाद युवाओं को अधर में छोड़ देगी।

गौरतलब है कि कांग्रेस विधायकों ने शुक्रवार को योजना के खिलाफ राज्य विधानसभा से बर्हिगमन किया था।

इस बीच, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश के युवाओं को भड़का रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की बढ़ती लोकप्रियता की वजह चिंतित है।

भट्ट ने नैनीताल में संवाददाताओं को बताया, ‘‘ अमेरिका, चीन और इजराइल के सशस्त्र बलों के अध्ययन के बाद केंद्र सरकार द्वारा अंगीकार यह सबसे आदर्श योजना है। योजना की ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 21 से 23 साल कर दिया गया है और 45 हजार युवाओं की हर साल योजना के तहत भर्ती होगी। कांग्रेस युवाओं को केवल भड़का रही है।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत चुने गए युवा को छह महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और 25 प्रतिशत को चार साल के बाद भी सेना में रखा जाएगा जबकि बाकी को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भर्ती के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी।

नैनीताल से सांसद भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड और कई अन्य राज्यों ने भी कहा है कि वे राज्य पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग में भर्ती के दौरान चार साल सेना में कार्य कर आने वाले को प्राथमिकता देंगे।

कई राज्यों में योजना के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार ने अलग-अलग जिलों के पुलिस अधीक्षकों(एसपी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को सतर्क रहने को कहा है।

डीजीपी ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कोई समस्या नहीं है लेकिन इसे शांति की कीमत पर मंजूरी नहीं दी जाएगी।

विभिन्न जिलों के एसपी और एसएसपी विभिन्न कोचिंग सेंटरों में छात्रों को काउंसलिंग कर रहे हैं जहां पर वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

इन छात्रों ने उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था लेकिन वे हिंसक नहीं हुए।

हालांकि, हल्द्वानी में शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे युवाओं को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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