नयी दिल्ली,21 दिसंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘टेलीविजन ऑडिएंस मेजरमेंट सर्विसेज’ से जुड़ी गतिविधियों में सामंजस्य लाने के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) को राष्ट्रीय मानक संस्था के रूप में स्थापित करने का अनुरोध करने वाली एक याचिका पर केंद्र, बीआईएस और ब्रॉडकास्ट ऑडिएंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) से बुधवार को जवाब मांगा।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहित कई मंत्रालयों के अलावा बीआईएस, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई), बार्क, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन तथा न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन को इस संबंध में नोटिस जारी किये हैं।
अदालत ने सभी पक्षों को याचिका का जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध कर दी।
एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर बीआईएस अधिनियम के सख्त अनुपालन और इसके प्रस्तावना के क्रियान्वयन की मांग की गई है। याचिका में, वेटरन्स फोरम फॉर ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक लाइफ ने बीआईएस को भारत की राष्ट्रीय मानक संस्था के रूप में स्थापित करने का अनुरोध किया गया है।
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