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Wednesday, 29 April, 2026
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केरल में बिजली कटौती नहीं, ‘अधिक उपयोग’ के कारण बिजली आपूर्ति में बाधा: मंत्री कृष्णननकुट्टी

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तिरुवनंतपुरम, 29 अप्रैल (भाषा) केरल के बिजली मंत्री के. कृष्णननकुट्टी ने बुधवार को राज्य में किसी भी तरह की बिजली कटौती से इनकार किया। उन्होंने यह दावा किया है कि बिजली के अत्याधिक उपयोग के कारण ‘पावर ट्रिपिंग’ (बिजली अचानक जाने से) की समस्या आ रही है।

कृष्णननकुट्टी का यह बयान अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद आया है।

कृष्णननकुट्टी ने दावा किया कि बिजली के ‘अत्यधिक इस्तेमाल’ के कारण ‘पावर ट्रिपिंग’ हो रही है, जिससे 5 से 10 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।

उन्होंने राज्य विद्युत विनियामक आयोग के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘फिलहाल राज्य में बिजली कटौती नहीं हो रही है।’

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में बिजली कटौती की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है।

मंत्री ने बताया कि राज्य को वर्तमान में 250 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई है और यदि अधिक आपूर्ति सुनिश्चित हो जाती है, तो भविष्य में कोई समस्या नहीं होगी।

उन्होंने कहा, ‘पिछले दिन हुई बारिश के कारण बिजली की कोई समस्या नहीं हुई। अधिक वर्षा होने पर इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा।’

मंत्री ने हाल ही में कहा था कि बिजली का मौजूदा संकट अत्यधिक गर्मी और ‘इंडक्शन’, ‘कुकर’ तथा ‘एयर कंडीशनर’ के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पैदा हुआ है।

वहीं, बिजली संकट को लेकर विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के उस चुनावी दावे की कड़ी आलोचना की है, जिसमें एक दशक तक बिजली कटौती के बिना बिजली आपूर्ति करने का वादा किया गया था।

राज्य में बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज उपभोक्ताओं ने देर रात केरल राज्य बिजली बोर्ड (केएसईबी) के स्थानीय कार्यालयों के बाहर धरना दिया। कोझिकोड और मलप्पुरम में भी बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन की घटना सामने आई।

ये विरोध प्रदर्शन ऐसे समय देखने को मिल रहे हैं जब केएसईबी ने यह घोषणा की है कि भीषण गर्मी के कारण बिजली की बढ़ती मांग के बीच ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए शाम 6 बजे से आधी रात के बीच 30 मिनट तक की छोटी अवधि के लिए बिजली कटौती की जा सकती है।

यह निर्णय मंगलवार को यहां अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) पुनीत कुमार की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें केएसईबी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मिन्हाज आलम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

केएसईबी के बयान के मुताबिक, बिजली की मांग अचानक बढ़ने से ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क पर भारी दबाव पड़ा है। बोर्ड ने कहा कि यदि समय रहते इसका प्रबंधन नहीं किया गया, तो भविष्य में बिजली आपूर्ति में बाधा आ सकती है।

ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ‘राज्य भार प्रेषण केंद्र’ के मुख्य अभियंता को आवश्यकतानुसार शाम के वक्त कम अवधि के प्रतिबंध लागू करने के लिए अधिकृत किया गया है। विभाग द्वारा स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी।

भाषा

प्रचेता नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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