नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जमात-उल-मुजाहिदीन के तीन संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकवादियों के खिलाफ दूसरा पूरक आरोपपत्र दायर किया है जिन पर प्रतिबंधित संगठन की ‘‘आगे की हिंसक आतंकी गतिविधियों’’ को अंजाम देने के लिए भारत में घुसने का आरोप है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि एजेंसी ने पिछले साल मार्च में मध्य प्रदेश पुलिस एसटीएफ द्वारा 10 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद पांच अप्रैल, 2022 को जांच अपने हाथ में ली थी।
एनआईए ने कहा कि जांच से पता चला है कि आरोपी हमीदुल्ला उर्फ मुफकीर उर्फ राजू गाजी उर्फ चामेद अली मिया, मो. शहादत हुसैन उर्फ अबीदुल्ला उर्फ हफीजुल हक उर्फ ओबैदुल्ला और तल्हा तालुकदार फारूक जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के सक्रिय कैडर थे, जो भारतीय मुसलमानों को हिंसक जिहाद की तैयारी के लिए प्रभावित करने, कट्टरपंथी बनाने और प्रेरित करने की साजिश के तहत अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे।
एनआईए द्वारा जारी बयान के अनुसर, भोपाल में एक विशेष अदालत के समक्ष दायर आरोपपत्र में एजेंसी ने कहा कि आरोपी ने प्रभावशाली मुस्लिम युवाओं को भारत में इस्लामिक (शरिया) कानून स्थापित करने के वास्ते हिंसक जिहाद शुरू करने के लिए उकसाया।
एजेंसी ने आपराधिक साजिश, जालसाजी और अन्य अपराधों में भादंसं की धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। इसने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के कड़े प्रावधानों के अलावा, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920 के तहत भी आरोप लगाए हैं।
भाषा नेत्रपाल नरेश
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