scorecardresearch
Saturday, 11 April, 2026
होमदेशएनआईए ने कर्नाटक में आईएस के दो गुर्गों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया

एनआईए ने कर्नाटक में आईएस के दो गुर्गों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया

Text Size:

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) के दो कथित सदस्यों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है, जो कर्नाटक में राष्ट्रीय ध्वज जलाने सहित आगजनी और तोड़फोड़ की दो दर्जन से अधिक घटनाओं में शामिल पाए गए थे। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि शिवमोगा के माज मुनीर अहमद (23) और सैयद यासीन (22) पर एक विशेष अदालत में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि यह मामला कर्नाटक में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की गतिविधियों को अंजाम देकर प्रतिबंधित आतंकी समूह आईएस की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए रची गई साजिश से जुड़ा है। इस मामले में गिरफ्तार किये गये छह अन्य आरोपियों के खिलाफ पूछताछ जारी है।

एनआईए ने इस मामले को पिछले वर्ष सितम्बर में अपने हाथ में लिया था। इससे पहले इसकी जांच कर्नाटक पुलिस कर रही थी।

प्रवक्ता ने बताया, ‘‘अहमद और यासीन बी.टेक. स्नातक हैं और उन्हें एक ऑनलाइन विदेशी हैंडलर द्वारा कट्टरपंथी बनाया गया है, ताकि वे गोदामों, शराब की दुकानों, हार्डवेयर की दुकानों, वाहनों और एक विशेष समुदाय से संबंधित नागरिकों की संपत्तियों सहित सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को निशाना बना सकें। इस्लामिक स्टेट द्वारा रची गई साजिश को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने आगजनी और तोड़फोड़ की 25 से अधिक घटनाओं को अंजाम दिया था।’’

एनआईए ने कहा कि (आईएस के प्रति) उनकी प्रतिबद्धता का स्तर उनकी गतिविधियों से स्पष्ट है।

अधिकारी ने कहा कि दो आतंकी गुर्गों को उनके ऑनलाइन हैंडलर द्वारा विदेशों से फंड ट्रांसफर के जरिये क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान किया जा रहा था।

प्रवक्ता ने बताया, ‘जांच से पता चला है कि अहमद ने अपने दोस्तों के खातों में ऑनलाइन हैंडलर से लगभग 1.5 लाख रुपये के बराबर क्रिप्टो प्राप्त किया, जबकि यासीन ने एक दोस्त के खाते में 62 हजार रुपये प्राप्त किये।’

आईएस की बड़ी साजिश के तौर पर, एनआईए ने कहा कि मामले के एक अन्य आरोपी मोहम्मद शरीक ने पिछले साल 19 नवंबर को मंगलुरु के कादरी मंदिर में एक आईईडी विस्फोट करने की योजना बनाई थी, लेकिन टाइमर की खराबी के कारण यह समय से पहले ही फट गया था, जिससे एक ‘संभावित आपदा’ टल गयी थी।

भाषा नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments