नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने यमुना नदी के डूब क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के आरोपों वाली याचिका के संबंध में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और अन्य से जवाब मांगा है।
एनजीटी यहां वजीराबाद गांव के एक निवासी द्वारा दायर एक पत्र याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया है कि मजनू का टीला क्षेत्र में नदी के डूब क्षेत्र में एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया जा रहा है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने पांच फरवरी को एक आदेश में कहा कि याचिका में पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन के संबंध में ‘महत्वपूर्ण मुद्दे’ उठाए गए हैं।
इसमें एमसीडी, डीडीए, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और संबंधित जिलाधिकारी (डीएम) को पक्षकार या प्रतिवादी के रूप में शामिल किया गया।
अधिकरण ने कहा, ‘रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह उपरोक्त प्रतिवादियों को हलफनामे के माध्यम से जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी करे। हलफनामे में जिलाधिकारी उस व्यक्ति का विवरण देंगे जो कथित निर्माण कार्य कर रहा है और यह भी बताएंगे कि क्या उक्त निर्माण यमुना नदी के डूब क्षेत्र में है।’
मामले की आगे की कार्यवाही के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की गई है।
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